कांग्रेस के अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुआ सेवादल
कांग्रेस के अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हुआ सेवादल



- कमल कल्ला बोले— “कोविड काल में भी अस्पताल का ऐसा बुरा हाल नहीं था”
बीकानेर, 11 जून। पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की किडनी खराब होने के गंभीर मामले को लेकर विपक्ष का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल प्रशासन की कथित लापरवाही और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए अनिश्चितकालीन धरने में अब ‘कांग्रेस सेवादल’ ने भी अपनी पूर्ण सहभागिता की घोषणा कर दी है।


गुरुवार को जहां एक ओर पीबीएम अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस और महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पुलिस लाठियां भांज रही थी, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से धरना स्थल पर मोर्चा संभाला और आमजन में चेतना जगाने का कार्य किया।


पिछली सरकार और वर्तमान हालात की तुलना: कमल कल्ला
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कल्ला ने वर्तमान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह बीकानेर का दुर्भाग्य है कि आज वह चिकित्सा जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण और बुनियादी सुविधा से भी महरूम है। याद कीजिए पिछली प्रदेश सरकार का कार्यकाल, जब देश कोविड-19 जैसी भयानक महामारी से जूझ रहा था, तब भी संभाग के इस सबसे बड़े अस्पताल में किसी को इलाज से महरूम नहीं रखा गया। सरकार ने हर संभव बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं।”
कल्ला ने आगे कहा कि आज एक सामान्य डिलीवरी जैसे बुनियादी केस में माताओं-बहनों की जान पर बन आई है, जो कि बेहद शर्मनाक है। अस्पताल की भयावह स्थिति यह है कि यहाँ न तो जरूरी दवाइयां उपलब्ध हैं और न ही समय पर चिकित्सक मिल रहे हैं।
धरोहर को पटरी पर लाने तक जारी रहेगा संघर्ष: अनिल व्यास
कांग्रेस सेवादल के शहर अध्यक्ष अनिल व्यास ने सेवादल के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह जनसंघर्ष तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक बीकानेर की स्वास्थ्य धरोहर कहे जाने वाले पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाएं वापस पटरी पर नहीं आ जातीं। व्यास ने कहा कि सेवादल का हर एक कार्यकर्ता अपना पूर्ण समर्पण देकर इस संघर्ष को सफलता की मंजिल तक पहुंचाएगा और कांग्रेस के सभी अग्रिम संगठनों के साथ कदम से कदम मिलाकर सहयोग देगा।
धरने में सेवादल पदाधिकारियों की उपस्थिति
गांधीवादी तरीके से दिए जा रहे इस धरने में सेवादल के वरिष्ठ नेता सुखदेव नाथ, घनश्याम पारीक एवं अज़ाज़ पठान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और पीबीएम अस्पताल की लचर व्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज बुलंद की।


