बीकानेर में बिजली संकट पर आधी रात को गदर, BKESL के खिलाफ रातभर सड़क पर रहे सैकड़ों लोग
बीकानेर में बिजली संकट पर आधी रात को गदर, BKESL के खिलाफ रातभर सड़क पर रहे सैकड़ों लोग



- भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में झुकी कंपनी
बीकानेर, 12 जून। बीकानेर में निजी बिजली कंपनी बीकेईएसएल (BKESL) की कथित मनमानी और भीषण गर्मी में की जा रही अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा। इंदिरा कॉलोनी सहित कई मोहल्लों के सैकड़ों निवासियों ने गुरुवार रात को सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया और बिजली कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रातभर सड़क पर ही महापड़ाव डाले रखा।


रात 11 बजे शुरू हुआ पैदल मार्च, रात 2 बजे बना ‘महापड़ाव’
भाजपा नेता डॉ. भगवान सिंह मेड़तिया ने बिजली कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीकेईसीएल मेंटेनेंस और फीडर रखरखाव के नाम पर रोजाना घंटों कटौती कर जनता को परेशान कर रही है। इंदिरा कॉलोनी में एक ही रात में मात्र 3 घंटे के भीतर 8 बार बिजली गुल होने से नागरिकों का सब्र टूट गया।


इसके विरोध में रात 11:00 बजे लालगढ़ स्टेशन जीएसएस से सांगलपुरा स्थित कंपनी के मेंटेनेंस ऑफिस की ओर एक विशाल पैदल मार्च शुरू हुआ। यह मार्च एफसीआई गोदाम, इंदिरा कॉलोनी, भुट्टो का चौराहा और कीर्ति स्तंभ होते हुए रात 2:00 बजे एमएन हॉस्पिटल चौक पहुंचा। इस दौरान जैसे-जैसे मार्च आगे बढ़ा, हनुमान हत्था, कोरियों का मोहल्ला और नायकों का मोहल्ला सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों के लोग भी स्वतः स्फूर्त रूप से इसमें शामिल होते चले गए।
पुलिस से तीखी नोंकझोंक, छावनी में तब्दील हुआ इलाका
शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी। आईपीएस अनुष्का कालिया ने प्रदर्शनकारियों को इंदिरा कॉलोनी टैक्सी स्टैंड पर रोकने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और जनता के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। आक्रोश को देखते हुए एडिशनल एसपी चक्रवर्ती सिंह राठौड़, बीछवाल थानाधिकारी दिगपाल सिंह और सदर थानाधिकारी सुरेंद्र पचार ने भारी पुलिस बल के साथ एमएन हॉस्पिटल चौक को छावनी में तब्दील कर दिया। ऐहतियात के तौर पर सांगलपुरा स्थित बिजली कंपनी के ऑफिस को खाली करवाकर वहां भी जेएनवीसी थाना पुलिस तैनात कर दी गई।
तीन चरणों की वार्ता के बाद सहमति, मांगें मानीं
आखिरकार, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता में बिजली कंपनी के आला अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीन चरणों की मैराथन वार्ता हुई। कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की सभी प्रमुख मांगों को लिखित में स्वीकार करने और उन पर तुरंत अमल करने के आश्वासन के बाद भोर में यह महापड़ाव स्थगित किया गया। प्रदर्शनकारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दोबारा अघोषित कटौती का सिलसिला शुरू हुआ, तो अगला महापड़ाव सीधा बिजली अधिकारियों के घरों के बाहर होगा। इस प्रदर्शन में किशोर सिंह पंवार, कमल तंवर, जिगर अली भुट्टा, धर्मेंद्र सारस्वत, श्रवण सिंह खारा, रविंद्र सिंह राठौड़ और फिरोज भाटी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
इन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
- फीडर प्रबंधन: प्रत्येक फीडर पर मेंटेनेंस कार्य के लिए 4 स्टाफ सदस्यों सहित कम से कम 10 गाड़ियां तैनात की जाएंगी।
- पूर्व सूचना: किसी भी प्रकार की आवश्यक बिजली कटौती से पहले उपभोक्ताओं को मोबाइल पर मैसेज भेजकर अनिवार्य रूप से सूचित किया जाएगा।
- वैकल्पिक व्यवस्था: मेंटेनेंस का बड़ा कार्य केवल सर्दियों के मौसम में किया जाएगा। यदि गर्मी में कोई लंबा फॉल्ट आता है, तो चलित (मोबाइल) ट्रांसफार्मर के जरिए तत्काल वैकल्पिक आपूर्ति दी जाएगी।
- नया कंट्रोल रूम: उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान और फोन कॉल का सही जवाब देने के लिए 10 कर्मचारियों की क्षमता वाला एक नया आधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित होगा।
- विजिलेंस जांच पर रोक: बिना किसी पूर्व नोटिस या ठोस आधार के किसी भी उपभोक्ता के घर पर विजिलेंस (सतर्कता जांच) की कार्रवाई नहीं की जाएगी।


