बीकानेर में 21 दिवसीय समर कैंप का शानदार समापन
बीकानेर में 21 दिवसीय समर कैंप का शानदार समापन



- मेधावी बच्चों और प्रशिक्षकों का हुआ सम्मान; साहित्यकार राजेंद्र जोशी और डीएसपी मुकेश आचार्य ने थपथपाई पीठ
बीकानेर, 14 जून। भारतीय प्रौढ़ शिक्षा संघ, नई दिल्ली (राजस्थान ब्रांच) के तत्वावधान में तथा संत सांईनाथ पब्लिक स्कूल, श्रीरामसर रोड के सहयोग से आयोजित 21 दिवसीय समर कैंप का रविवार सायं को भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। इस समापन उत्सव में विभिन्न रचनात्मक और खेल गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संभागियों और प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।


कला और संस्कृति मनुष्य को संवेदनशील बनाती हैं- राजेंद्र जोशी
समारोह की अध्यक्षता देश के प्रख्यात वरिष्ठ साहित्यकार, कवि एवं कथाकार राजेंद्र जोशी ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस उपाधीक्षक (DYSP) मुकेश आचार्य तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षा विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक व शिक्षा विभाग की प्रतिष्ठित ‘शिविरा’ पत्रिका के पूर्व संपादक ओमप्रकाश सारस्वत मंचस्थ रहे।


कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए राजस्थानी भाषा के प्रखर शोधार्थी डॉ. नमामीशंकर आचार्य ने समर कैंप का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस 21 दिवसीय शिविर के दौरान चित्रकला, संगीत, आर्ट एंड क्राफ्ट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), वाद्य यंत्र, क्रिकेट, योग, पाग-पगड़ी, हेयर स्टाइलिंग, मेहंदी तथा डांस सहित कई आधुनिक व पारंपरिक विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर बच्चों की प्रतिभा को निखारा गया।
संस्कार और सृजनशीलता ही सफलता की कुंजी
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र जोशी ने कहा कि साहित्य, कला और संस्कृति ही मनुष्य के व्यक्तित्व को पूर्ण और संवेदनशील बनाती हैं। उन्होंने बच्चों से जीवन में लगातार रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहने का आह्वान करते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान से जीवन सफल नहीं होता; इसके लिए संस्कारों और सृजनशीलता का होना भी बेहद आवश्यक है।
मुख्य अतिथि पुलिस उपाधीक्षक मुकेश आचार्य ने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे समर कैंप बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास, उनमें अनुशासन की भावना और आत्मविश्वास पैदा करने के सबसे प्रभावी माध्यम हैं। ये गतिविधियां बच्चों को सही दिशा देकर समाज के प्रति एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देती हैं। विशिष्ट अतिथि ओमप्रकाश सारस्वत ने कहा कि वर्तमान तकनीकी युग में सिर्फ किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को कला, संस्कृति और जीवनोपयोगी कौशलों (लाइफ स्किल्स) से जोड़ना समय की मांग है।
21 दिनों तक इन विषय विशेषज्ञों ने संवारी बच्चों की प्रतिभा
इस समर कैंप में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों को निखारने के लिए शहर के प्रख्यात विषय विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं। शिविर में चित्रकला: योगेंद्र पुरोहित, संगीत: मूलचंद सोनी, आर्ट एंड क्राफ्ट: श्रीवल्लभ पुरोहित, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): गोविंद रामावत, वाद्य यंत्र: निर्मल पंडित, क्रिकेट: जगदीश नारायण ओझा एवं नितेश पुरोहित,
योग: मुकुंद बोहरा, पाग-पगड़ी: कपिल गुप्ता, हेयर स्टाइलिंग व मेहंदी: अंशु शर्मा, डांस: गुंजन गिरी ने लगातार 21 दिनों तक बच्चों को प्रशिक्षित किया।
समापन समारोह में इन सभी प्रशिक्षकों को भी उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए संस्थान की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नृत्य और संगीत के कार्यक्रम पेश कर उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया। पूरे कार्यक्रम का प्रभावी और जीवंत मंच संचालन भावना द्वारा किया गया, जबकि अंत में पधारे हुए सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं प्रतिभावान बच्चों का हृदय से आभार कार्यक्रम प्रभारी भवानीशंकर आचार्य ने व्यक्त किया।


