बीकानेर में मौसम का बदला मिजाज: आज भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी का अलर्ट, तापमान में गिरावट से भीषण गर्मी से मिली राहत
बीकानेर में मौसम का बदला मिजाज



बीकानेर, 25 जून । बीकानेर संभाग सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से जारी मौसम का बदला मिजाज गुरुवार को भी बने रहने की प्रबल संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के स्थानीय केंद्र के अनुसार, आज दिनभर आसमान में आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही बनी रहेगी तथा शहर और ग्रामीण इलाकों के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या तेज बूंदाबांदी हो सकती है। लगातार हो रही मानसूनी हलचल के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे आ गया है, जिससे बीकानेरवासियों को जून के महीने में होने वाली पारंपरिक भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत मिली है।


स्थानीय मौसम विशेषज्ञों के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को बीकानेर में सुबह से ही बादलों का डेरा जमा हुआ है। मौसम विभाग ने बीकानेर जिले के लिए देर रात ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया था, जिसमें तेज हवाओं के साथ मेघगर्जन की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, सुबह के बाद कोई नया बुलेटिन जारी नहीं हुआ है, लेकिन बादलों की सघनता को देखते हुए दोपहर या शाम तक अच्छी बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। बीते 24 घंटों के दौरान बीकानेर में 4.8 मिलीमीटर (MM) बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जिसके असर से आज सुबह वातावरण में आर्द्रता (नमी) का स्तर 68 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिससे हवाओं में ठंडक घुली हुई है।


अधिकतम तापमान 37 डिग्री रहने का अनुमान, पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर की रात सबसे ठंडी
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो गुरुवार को बीकानेर का अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इससे पूर्व, बीते 24 घंटों में बीकानेर का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो कि सामान्य से कम है। वहीं, बीकानेर में न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जो पिछले दिन पूरे पश्चिमी राजस्थान में सबसे कम (सबसे ठंडा) रिकॉर्ड किया गया। तापमान का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े से लगातार नीचे बने रहने के कारण आम जनजीवन को झुलसाने वाली धूप से काफी निजात मिली है।
बीते दिन शाम को हुई बारिश से सुहावना हुआ मौसम, संभाग के चूरू-हनुमानगढ़ में भी बरसे बदरा
इससे पहले, बुधवार दोपहर तक बीकानेर में बादलों की भारी आवाजाही के बावजूद बारिश न होने से उमस ने लोगों को जमकर परेशान किया था, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने करवट ली और शहर के कई इलाकों में रुक-रुककर रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। शाम की इस फुहार के बाद समूचे शहर का मौसम सुहावना हो गया। बीकानेर के अलावा संभाग के अन्य जिलों में भी मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। बुधवार को हनुमानगढ़ और चूरू जिले में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई, जिसमें चूरू में हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया और जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे-जैसे देश के अन्य हिस्सों से होते हुए मानसून आगे बढ़ रहा है, पश्चिमी राजस्थान में मानसूनी हवाएं धीरे-धीरे और मजबूत हो रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में बीकानेर संभाग में प्री-मानसून और मानसून की बारिश का दायरा और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।


