जन अभाव अभियोग निराकरण समिति की बैठक: मुख्यमंत्री ने दिए शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश; अनावश्यक बिजली कटौती पर सख्त रुख

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खमत खामणा
मुख्यमंत्री का स्वागत देशनोक आने पर

जयपुर/बीकानेर, 8 अगस्त। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज मुख्यमंत्री आवास पर ‘जन अभाव अभियोग निराकरण समिति’ की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभिन्न जिलों के समिति सदस्यों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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बैठक के दौरान बीकानेर से समिति सदस्य मोहन सुराणा एवं कुंभाराम सिद्ध से मुख्यमंत्री ने संवाद कर जिले में समिति की गतिविधियों व जनसुनवाई से जुड़े विषयों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर मोहन सुराणा ने बीकानेर में आयोजित पहली बैठक का फीडबैक मुख्यमंत्री को दिया।

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जनहित के मुद्दों पर हो त्वरित कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के सदस्यों द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों को पूरी गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा जनता का सरकार पर विश्वास और अधिक मजबूत हो। बैठक में प्रदेशभर के जिला कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम एवं जिला परिषद सीईओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

अनावश्यक बिजली कटौती स्वीकार्य नहीं
बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली कटौती के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राजस्थान आज बिजली उत्पादन में इतना सक्षम है कि अन्य राज्यों को भी आपूर्ति कर रहा है। ऐसे में प्रदेश में बिना किसी वाजिब कारण के बिजली कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समिति सदस्यों से कहा कि यदि कहीं अनावश्यक बिजली कटौती की शिकायत मिले, तो तुरंत अवगत करवाएं, दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बीकानेर के जनप्रतिनिधि व सदस्य रहे मौजूद
बैठक के दौरान बीकानेर की पूर्व महापौर सुशीला कंवर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर समिति सदस्य जालम सिंह भाटी, नरेश नायक, गोपाल गहलोत, अशोक मीणा एवं कन्हैयालाल सियाग सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिति जनता और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है और इसके माध्यम से सुशासन की अवधारणा को और मजबूती मिलेगी।