मोबाइल और टीवी छोड़ स्वदेशी खेलों और गीता ज्ञान से जुड़े बीकानेर के बच्चे

मोबाइल और टीवी छोड़ स्वदेशी खेलों और गीता ज्ञान से जुड़े बीकानेर के बच्चे
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026
  • योग एवं खेलकूद संस्कार शिविर के भव्य समापन समारोह में 130 से अधिक प्रतिभागी बच्चों व सेवाभावी कार्यकर्ताओं का हुआ सम्मान

बीकानेर, 29 जून । नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति, उत्तम स्वास्थ्य और राष्ट्रभक्ति के संस्कारों से ओतप्रोत करने के उद्देश्य से संचालित एक अनूठे अभियान का भव्य समापन हो गया है। भारत स्वाभिमान, पतंजलि योग समिति एवं युवा भारत, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में गत 3 जून से बाबा रामदेव पार्क में निरंतर चल रहे निःशुल्क योग एवं खेलकूद संस्कार शिविर का रविवार सायं नत्थूसर बास स्थित हनुमान मंदिर भवन में गरिमामय समापन समारोह आयोजित किया गया। समापन के दौरान पूरा परिसर आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभक्ति के अनुपम वातावरण से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उमड़े अभिभावकों, बच्चों, युवाओं तथा शहर के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस समारोह को बेहद यादगार और ऐतिहासिक बना दिया।

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शिविर के संयोजक नंदकिशोर गहलोत ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि स्कूली बच्चों के ग्रीष्मकालीन अवकाश का सदुपयोग कराने तथा उन्हें गैजेट्स की दुनिया से बाहर निकालकर रचनात्मकता से जोड़ने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष इस शिविर का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में इस वर्ष भी 3 जून से सुबह के सत्र में शिविर का निरंतर संचालन किया गया। शिविर के दौरान बच्चों एवं युवाओं को केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि नियमित योगाभ्यास, पारंपरिक स्वदेशी खेलकूद, व्यक्तित्व विकास (Personality Development), आयुर्वेद ज्ञान, स्वदेशी जीवनशैली, सनातन संस्कृति, गीता के श्लोकों का ज्ञान, वैदिक परंपराओं के अनुसार यज्ञ-हवन, स्वच्छता अभियान, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति एवं नैतिक संस्कारों से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रकार की रचनात्मक गतिविधियों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।

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नशा मुक्ति व चित्रकला के विजेताओं का हुआ बहुमान; बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मोहा मन

संयोजक गहलोत ने बताया कि शिविर के दौरान नशा मुक्ति और स्वच्छता अभियान पर एक विशेष चित्रकला (ड्राइंग) प्रतियोगिता तथा शारीरिक दक्षता परखने के लिए ‘बाधा बोरी दौड़’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बालक-बालिकाओं को समापन समारोह में विशेष तौर पर सम्मानित किया गया। इन बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से आमजन को नशा मुक्ति और पर्यावरण स्वच्छता का बेहद मार्मिक संदेश दिया था। इसके अलावा शिविर के माध्यम से बच्चों के भीतर छिपे संकोच को दूर कर प्रेरक प्रतियोगिताओं, समूह गतिविधियों, देशभक्ति गीतों और आध्यात्मिक भजनों के सांस्कृतिक अभ्यासों द्वारा उनकी छुपी हुई बहुमुखी प्रतिभा को मंच प्रदान कर निखारा गया।

समापन समारोह के मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा तैयार की गई रंगारंग प्रस्तुतियां रहीं। समारोह में बच्चों एवं युवाओं ने देशभक्ति, सनातन संस्कृति, राजस्थानी लोककला एवं योग के कड़े आसनों पर आधारित अत्यंत आकर्षक और हैरतअंगेज सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। विशेषकर योग पर आधारित नृत्य, समूह गान एवं प्रेरक नाटकीय प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर होने पर मजबूर कर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति, कड़े अनुशासन और सनातनी संस्कारों की सुंदर और अलौकिक झलक साफ दिखाई दे रही थी।

संतों का मिला पावन सानिध्य; संस्कारवान बच्चे ही उज्ज्वल भारत की नींव: सरजूदास जी महाराज

इस भव्य समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में श्री राम झरोखा कैलाश धाम के पूज्य संत सरजूदास जी महाराज तथा सुप्रसिद्ध योगी विलासनाथ जी महाराज का पावन सानिध्य व आशीर्वाद प्राप्त हुआ। संतों ने दीप प्रज्वलन कर समारोह की शुरुआत की। अपने प्रेरणादायी और ओजस्वी बोधिवचन में संतों ने कहा कि वर्तमान भौतिकतावादी युग में बच्चों में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का बीजारोपण करना ही सबसे बड़ी समाज सेवा है और यही संस्कारित बच्चे आगे चलकर समर्थ व उज्ज्वल भारत की मजबूत नींव बनेंगे। उन्होंने पतंजलि परिवार और आयोजकों द्वारा निस्वार्थ भाव से किए जा रहे इस सेवा कार्य की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास (All-round Development) और हमारी गौरवशाली सनातनी परंपराओं को अक्षुण्ण रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। पूज्य महाराज ने अपने करकमलों से पूरे उत्साह के साथ शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 130 से अधिक बालक-बालिकाओं एवं युवाओं को संगठन की ओर से तैयार किए गए विशेष प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न (मोमेंटो) प्रदान कर सम्मानित किया तथा उन्हें जीवन में सदैव आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।

प्रशिक्षकों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं का भी हुआ विशेष अभिनंदन
इस अवसर पर शिविर को बिना किसी बाधा के 26 दिनों तक निरंतर और सफल संचालित करने में अपना अमूल्य सहयोग देने वाले कर्मठ कार्यकर्ताओं, योग प्रशिक्षकों, खेल संरक्षकों एवं सेवाभावी सहयोगियों का भी मंच से दुपट्टा ओढ़ाकर और प्रतीक चिह्न देकर विशेष अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान के जिला संयोजक लक्ष्मणराम प्रजापत, युवा भारत के जिला प्रभारी भवानीशंकर सांखला, संगठन मंत्री विकास जोशी, महामंत्री नरेंद्र सुथार, सी.डी. सागर, निशा लिम्बा तथा सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. कन्हैयालाल कच्छावा सहित बीकानेर के अनेक गणमान्य नागरिक, प्रबुद्धजन और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यक्रम के समापन पर शिविर के मुख्य सूत्रधार व संयोजक नंदकिशोर गहलोत ने पधारे हुए सभी संतों, अतिथियों, भामाशाहों, सहयोगियों, जागरूक अभिभावकों एवं ऊर्जावान प्रतिभागी बच्चों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने धन्यवाद ज्ञापित संबोधन में संकल्प दोहराते हुए कहा कि भारत स्वाभिमान, पतंजलि योग समिति एवं युवा भारत बीकानेर द्वारा भविष्य में भी समाजहित, चरित्र निर्माण एवं राष्ट्रनिर्माण के पावन उद्देश्य से ऐसे निःशुल्क शिविरों और जनजागरण अभियानों का निरंतर आयोजन किया जाता रहेगा, ताकि हमारी आने वाली नई पीढ़ी पूरी तरह स्वस्थ, संस्कारित, आत्मविश्वासी एवं राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित सिपाही बन सके।

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