पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और अव्यवस्थाओं के खिलाफ कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा 10 सूत्री ज्ञापन, 10 दिन का अल्टीमेटम
पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और अव्यवस्थाओं के खिलाफ कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा 10 सूत्री ज्ञापन, 10 दिन का अल्टीमेटम


- कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता; डोटासरा और जूली ने सरकार को घेरा
बीकानेर, 30 जून। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और चिकित्सा अव्यवस्थाओं के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय गर्मा गया जब आक्रोशित कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने का प्रयास किया और वहां लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तैनात भारी पुलिस जाब्ते ने प्रदर्शनकारियों को रोका और हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा। सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट परिसर छावनी में तब्दील रहा, जहां आरएसी और स्पेशल पुलिस फोर्स के साथ वाटर कैनन और आंसू गैस की गाड़ियां भी तैनात की गईं।


कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, डोटासरा-जूली नहीं हुए वार्ता में शामिल


प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर निशांत जैन से मुलाकात करने गए प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शामिल नहीं हुए। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बिशनाराम सियाग, पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, भंवर सिंह भाटी और मदन गोपाल मेघवाल ने किया। नेताओं ने कलेक्टर को 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपकर पीबीएम की व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की। कलेक्टर से मिले उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद कांग्रेसी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिन के भीतर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
डोटासरा का शिक्षा मंत्री पर तीखा हमला: कहा— ‘वह महा निकम्मा है’
कलेक्ट्रेट के बाहर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान पर पलटवार करते हुए तीखा हमला बोला। डोटासरा ने कहा, “शिक्षा मंत्री कहते हैं कि जो सरकारी शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ाता, वह निकम्मा है। लेकिन मैं कहता हूं कि जो शिक्षा मंत्री खुद अपने पोतों को प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ा रहे हैं, वह ‘महा निकम्मा’ हैं।” इसके साथ ही उन्होंने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के करीबी के पास बड़ी नकदी पकड़े जाने के मामले पर भी एसीबी की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।
दवा खरीद में भ्रष्टाचार और सरकारी नीतियों पर उठाए सवाल
सभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार को घेरा। वहीं, पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने पीबीएम अस्पताल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ब्लैकलिस्टेड कंपनियों से घटिया दवाइयां खरीदी गईं, जिसके कारण प्रसूताओं की मौत हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में 77 हजार रुपये की कीमत वाले मल्टीपैरा मॉनिटर एक-एक लाख रुपये में खरीदे गए, फिर भी आईसीयू के हालात जस के तस बने हुए हैं।
भाषण के दौरान डूडी समर्थकों की नारेबाजी
मंच पर उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल के संबोधन के दौरान पूर्व यूआईटी चेयरमैन रामेश्वर डूडी के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। मंच पर मौजूद डोटासरा ने कार्यकर्ताओं को हाथ के इशारे से शांत रहने को कहा, लेकिन पूरे भाषण के दौरान ‘डूडी अमर रहें’ के नारे गूंजते रहे। प्रदर्शन में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सहित संभाग भर से आए बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, विधायक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


