बीकानेर के सरकारी समाचार
बीकानेर के सरकारी समाचार


नए उद्यमों को मिलेगा प्रोत्साहन, ब्याज अनुदान सहित कई सुविधाएं


बीकानेर, 1 जुलाई। राज्य सरकार द्वारा व्यापार एवं निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी 2025 लागू की गई है। इस नीति के तहत नए सूक्ष्म उद्यमों तथा निर्यातकों को विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता एवं प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाएगा।


जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र की महाप्रबंधक श्रीमती मंजू नैण गोदारा ने बताया कि नीति के अनुसार नए सूक्ष्म उद्यमों को 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर ब्याज अनुदान दिया जाएगा। एक करोड़ रुपये तक के ऋण पर 6 प्रतिशत तथा एक से दो करोड़ रुपये तक के ऋण पर 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान का प्रावधान है। वहीं एससी, एसटी, महिला एवं दिव्यांग वर्ग के उद्यमियों को अतिरिक्त 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान भी मिलेगा।
उन्होंने बताया कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लेन-देन की फीस का 75 प्रतिशत (अधिकतम 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष) तथा सीजीटीएमएसई शुल्क का 50 प्रतिशत (5 वर्ष तक) पुनर्भरण सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही इश्यूरेन्स प्रीमियम का 50 प्रतिशत (अधिकतम 1 लाख रुपये प्रतिवर्ष) पुनर्भरण का भी प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि व्यापार से संबंधित नए उद्यम स्थापित करने के इच्छुक उद्यमी राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी पोर्टल पर ऑनलाइन एसएसओ आईडी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना की विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय समय में जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, चौपड़ा कटला स्थित कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।
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दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा
बीकानेर, 1 जुलाई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना के तहत दिव्यांगजनों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाते हुए सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग संयुक्त निदेशक ने बताया कि योजना के अंतर्गत राज्य के ऐसे दिव्यांगजन, जिनकी स्वयं एवं परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये तक है, वे विभिन्न बैंकों के माध्यम से ऋण प्राप्त कर अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। ऋण राशि पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार रुपये (जो भी कम हो) का अनुदान भी विभाग द्वारा संबंधित बैंक के माध्यम से दिया जाएगा। इसके अलावा ऋण का समय पर भुगतान करने पर ब्याज दर में 5 प्रतिशत की विशेष छूट का भी प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत किराना स्टोर, बिल्डिंग मटेरियल की दुकान, टेलरिंग शॉप, कृत्रिम आभूषण, पुस्तक एवं स्टेशनरी, ब्यूटी पार्लर, मोबाइल रिपेयरिंग एवं सेल्स, टी हाउस, जूते-चप्पल निर्माण एवं बिक्री, कढ़ाई कार्य सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता होना आवश्यक है। आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच तथा परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। पात्र दिव्यांगजन एसएसओ पोर्टल के माध्यम से डीएसएपी पोर्टल पर स्वयं अथवा ई-मित्र कियोस्क के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित
बीकानेर, 1जुलाई। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए ऑन लाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर (नगर) श्रीमती रीना ने बताया कि यह पुरस्कार उन बच्चों को प्रदान किये जाते हैं, जिनकी आयु 31 जुलाई 2026 को 18 वर्ष से कम हो तथा जिन्होंने वीरता, समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति, विज्ञान, व प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं प्रेरणादयी उपलब्धियां प्राप्त की हों।
उन्होंने बताया कि ऑन लाइन आवेदन पत्र राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in के माध्यम से 31 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
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पालनहार योजना के लाभार्थियों को करवाना होगा वार्षिक सत्यापन
बीकानेर, 1 जुलाई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने पालनहार योजना के तहत लाभान्वित बच्चों के अभिभावकों से वार्षिक सत्यापन (रिन्यूअल) शीघ्र कराने की अपील की है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जिले में योजना से लाभान्वित 13 हजार 951 बच्चों में से अब तक केवल 391 बच्चों का ही वार्षिक सत्यापन हुआ है, जबकि 13 हजार 560 लाभार्थियों का सत्यापन होना अभी शेष है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक श्री एल.डी. पंवार ने बताया कि पालनहार योजना के अंतर्गत अनाथ, तलाकशुदा अथवा परित्यक्ता महिला के बच्चे, पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे, नाता जाने वाली माता के बच्चे तथा विशेष योग्यजन माता-पिता के बच्चों सहित पात्र श्रेणियों के बालक-बालिकाओं को लाभान्वित किया जाता है। योजना का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए वार्षिक सत्यापन कराना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि जिन बच्चों का आधार नम्बर शाला दर्पण पोर्टल पर अपडेट है, उनका सत्यापन स्वतः हो जाएगा। जिन बच्चों के आधार नम्बर शाल दर्पण पर अपडेट नहीं है, उनके आधार नम्बर शाला दर्पण पर अपडेट करवाये जाने है। शेष लाभार्थी एसएसओ के माध्यम से पालनहार स्कीम ऐप पर फेस रिकग्निशन द्वारा अथवा आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय में जाकर भौतिक सत्यापन एवं नवीनीकरण करा सकते हैं।
उन्होंने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, सभी सीबीईओ एवं पीईईओ को भी योजना के लाभार्थी विद्यार्थियों के अध्ययनरत प्रमाण-पत्र जारी कर सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी पात्र लाभार्थियों से समय रहते वार्षिक सत्यापन करवाने को कहा है, जिससे योजना का लाभ निर्बाध प से मिलता रहे।
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जीएसटी दिवस पर किया पौधारोपण
बीकानेर, 1 जुलाई। जीएसटी दिवस के अवसर पर बुधवार को केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर, संभाग, बीकानेर (ग्रामीण) द्वारा वृंदावन एन्क्लेव स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर पार्क में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहायक आयुक्त भूपेन्द्र छीपा एवं सहायक आयुक्त धर्मेन्द्र उपाध्याय ने विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा इस अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
अधीक्षक (कर अपवंचना) संजय कुमार सोनी ने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक दायित्व बताते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण एवं उनकी देखभाल का आह्वान किया। जीएसटी दिवस पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव निरीक्षक जगदीश मेहरा द्वारा रखा गया था, जिसकी विभाग एवं कॉलोनीवासियों ने सराहना की तथा उनका माल्यार्पण कर स्वागत एवं सम्मान किया।
उद्यमी श्री अशोक मोदी ने इस अनुकरणीय पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। इसे समाज में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास बताया।
कॉलोनीवासियों की ओर से डॉ. डी.एस. बौद्ध, अम्बेडकर सोसायटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश परिहार, पृथ्वीराज कला एवं कैलाश कटारिया ने विभाग की इस पहल का स्वागत किया।
कार्यक्रम के आयोजन में कार्यकारी सहायक सूर्यप्रकाश बिश्नोई, मोहित गोस्वामी एवं महेश जावा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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उरमूल सीमांत समूह के किसानों के लिए सहजन आधारित कृषि प्रणाली पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ
बीकानेर, 1 जुलाई। जिले में सतत एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नाबार्ड वित्त पोषित परियोजना के तहत सहजन (मोरिंगा) आधारित कृषि प्रणाली विषय पर तीन दिवसीय कृषक कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को काजरी कार्यालय के सभागार में शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन राजुवास के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. आर.के. घुड़िया तथा राजस्थान ग्रामीण बैंक, बीकानेर के क्षेत्रीय प्रबंधक नवीन कुमार साहू ने किया। इस अवसर पर डॉ. घुड़िया ने किसानों से सहजन आधारित कृषि प्रणाली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि मोरिंगा एक बहुउद्देशीय पौधा है, जिसका उपयोग सदियों से भोजन एवं औषधि के रूप में किया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि यह पौधा अत्यधिक पौष्टिक, स्वादिष्ट एवं सुगंधित होने के साथ अधिक बायोमास उत्पादन की क्षमता रखता है तथा पशुओं के लिए वर्षभर हरा चारा उपलब्ध कराने में भी उपयोगी है।
क्षेत्रीय प्रबंधक नवीन कुमार साहू ने कहा कि सहजन के विभिन्न उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर रोजगार सृजन, पोषण सुरक्षा और किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने मोरिंगा के औषधीय गुणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी सहायक है।
काजरी के अध्यक्ष डॉ. नवरत्न पंवार ने परियोजना को बीकानेर जिले के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि आगामी जुलाई एवं अगस्त माह में सहजन आधारित कृषि प्रणाली पर पांच अतिरिक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षण से जुड़कर परियोजना का लाभ उठाने का आग्रह किया।
परियोजना के मुख्य समन्वयक डॉ. बीरबल ने बताया कि प्रशिक्षण में बीकानेर जिले की विभिन्न तहसीलों से 50 किसान भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रत्येक किसान को प्रमाण-पत्र के साथ 1,000 मोरिंगा पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत अब तक जिले के 225 से अधिक किसानों को 2.25 लाख से अधिक पौधों का वितरण किया जा चुका है।डॉ. बीरबल ने बताया कि काजरी से पौधे प्राप्त करने वाले किसानों ने सहजन की खेती से लाभ अर्जित करना शुरू कर दिया है तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से मोरिंगा पाउडर का निर्माण एवं विपणन भी प्रारंभ कर दिया है।
कार्यक्रम में काजरी के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी डॉ. मनोज गोरा, डॉ. सीताराम जाट, उरमूल सीमांत समूह की सुश्री लक्ष्मी देवी तथा श्री ओम मेघवाल सहित अन्य अधिकारी एवं सहभागी किसान उपस्थित रहे।
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लाडो प्रोत्साहन योजना से साकार होगा बेटी के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प
बीकानेर, 1 जुलाई। बेटी के जन्म को सम्मान देने और उसके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में राज्य सरकार की लाडो प्रोत्साहन योजना ग्रामीण परिवारों के लिए नई उम्मीद बन रही है। ग्राम पंचायत भाडेरां में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान श्रीमती सुमित्रा पत्नी जयप्रकाश को पुत्री के जन्म पर लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत प्रोत्साहन राशि की पहली किस्त दी गई।
साथ ही योजना के तहत बालिका को मिलने वाली कुल 1 लाख 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के लिए संकल्प पत्र भी सौंपा गया। इस अवसर पर परिवार ने बेटी के जन्म को गर्व और खुशियों का अवसर बताते हुए सरकार की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त किया।
सुमित्रा ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटियों के प्रति समाज की सकारात्मक सोच को मजबूत करने का माध्यम है। योजना से बेटी की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर परिवार का आत्मविश्वास बढ़ा है तथा उसे बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की प्रेरणा मिली है।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के संकल्प को मजबूत करती यह पहल समाज में बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
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प्रशासन की संवेदनशीलता से घर बैठे मिला हक, दिव्यांग गोमती को मौके पर ही मिला पालनहार योजना का लाभ
“जब प्रशासन खुद चलकर आए पीड़ित के द्वार, तब साकार होता है सुशासन का सपना।”
बीकानेर, 1 जुलाई। ग्रामीण सेवा शिविर 2026 के तहत बुधवार को ग्राम पंचायत उदाना में आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा था। इस शिविर में उदाना निवासी गोमती एक बड़ी उम्मीद लेकर पहुंची। गोमती ने उपखंड अधिकारी लूणकरणसर के समक्ष उपस्थित होकर अपना प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
जब अधिकारी ने दिखाई संवेदनशीलता
मामले की गंभीरता और आवेदक की परिस्थिति को देखते हुए उपखंड अधिकारी ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने मौके पर मौजूद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रतिनिधि को इस प्रकरण में तुरंत राहत प्रदान करने के निर्देश दिए।
दफ्तर के चक्कर नहीं, अधिकारी खुद पहुंचे घर
आमतौर पर सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए जनता को दफ्तरों और कागजी औपचारिकताओं के चक्कर काटने पड़ते हैं, लेकिन यहाँ मानवता और कर्तव्यपरायणता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली।
उपखंड अधिकारी के निर्देश मिलते ही विभाग के प्रतिनिधि ने बिना समय गंवाए गोमती के दस्तावेजों की जांच की जिसमें गोमती का एक बच्चा विद्यालय ड्रॉप आउट कर चुका था उसे शिवीर में उपस्थित विद्यालय स्टाफ से वार्ता कर पुनः विधालय में प्रवेश दिलाया और अध्ययन प्रमाण पत्र जारी करवाकर पालनहार योजना से लाभान्वित किया
गोमती की आँखों में संतोष:गोमती भावुक हो उठी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सरकारी काम इतनी संवेदनशीलता और तेजी से भी हो सकता है।
सुशासन की जीती-जागती मिसाल: उदाना का यह वाकया यह साबित करता है कि ग्रामीण सेवा शिविर 2026 केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह धरातल पर अंतिम छोर के व्यक्ति को तुरंत राहत पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बन चुके हैं।
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मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव: 4 जुलाई को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय सभागार में होगा जिला स्तरीय कार्यक्रम
जिला कलक्टर ने की तैयारियों की समीक्षा
बीकानेर, 1 जुलाई। मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव का जिला स्तरीय कार्यक्रम 4 जुलाई को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित होगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के नवचयनित 1726 युवाओं को मुख्यमंत्री का बधाई संदेश, स्वागत किट और नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
जिला कलक्टर श्री निशान्त जैन ने बुधवार को इसकी तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय रहते कर ली जाएं। उन्होंने समारोह के लिए जनप्रतिनिधियों एवं सभी प्रतिभागियों को आमंत्रित करने, बैठक, माइक, प्रस्तावित मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम, प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
जिला कलक्टर ने बताया कि समारोह के दौरान माध्यमिक शिक्षा के 50 व्याख्याता, 63 वरिष्ठ अध्यापक, पंचायत राज के 28 ग्राम विकास अधिकारी, 1490 सहायक कर्मचारी, 44 टेक्नीशियन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के 4 छात्रावास अधीक्षक, सहकारिता विभाग के 6 निरीक्षक ग्रेड-द्वितीय, कृषि विभाग के 2 कनिष्ठ अभियंता और 2 कृषि अधिकारी, काॅलेज शिक्षा के 3 एसिसटेंट प्रोफेसर, पुलिस विभाग के 8 कांस्टेबल, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के 4 प्रोग्रामर को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर होने वाले इस कार्यक्रम का सभी ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर तक सीधा प्रसारण किया जाएगा।
इस दौरान जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) श्री उम्मेद सिंह रतनू, एडीएम सिटी श्रीमती रीना, उपखण्ड अधिकारी सुश्री महिमा कसाना, प्रशिक्षु आइएएस श्री मनु गर्ग, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी डाॅ. महेन्द्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री किशन दान चारण, समसा के एडीपीसी श्री कृष्ण कुमार बिश्नोई आदि मौजूद रहे।
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राजस्थान समान नागरिक संहिता: प्रारूप समिति सदस्य डाॅ. शुचि चौहान की जनसुनवाई गुरुवार से
तैयारियों को दिया अंतिम रूप
बीकानेर, 1 जुलाई। राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 (यूसीसी) के प्रारूप समिति की सदस्य डाॅ. शुचि चैहान द्वारा 2 और 3 जुलाई को जनसुनवाई की जाएगी। बीकानेर विकास प्राधिकरण में होने वाले दो दिवसीय आयोजन की तैयारियों को बुधवार को अंतिम रूप दिया गया।
जिला कलक्टर श्री निशान्त जैन ने बताया कि गुरुवार प्रातः 10.30 से दोपहर 12.30 बजे तक बीकानेर संभाग स्तर की जनसुनवाई होगी। इसें जनप्रतिनिधि, समस्त धर्मों के प्रतिनिधि, सामाजिक विज्ञान एवं विधि पृष्ठभूमि वाले शिक्षाविद्, विधिवेत्ता, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। संभाग के अन्य जिलों के सहभागी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़ेंगे।
उन्होंने बताया कि दोपहर 2 से 3.30 बजे तक बीकानेर तथा दोपहर 3.30 से सायं 5.30 बजे तक श्रीगंगानगर जिले की जनसुनवाई होगी। वहीं शुक्रवार को प्रातः 10 से प्रातः 11.15 बजे तक हनुमागनढ़ तथा दोपहर 11.15 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक चूरू जिले की जनसुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से होगी।
बुधवार को अतिरिक्त संभागीय आयुक्त श्री यशपाल आहूजा जिला कलक्टर (नगर) श्रीमती रीना और बीकानेर विकास प्राधिकरण सचिव श्री हेमेन्द्र नागर ने तैयारियों को जायजा लिया। उन्होंने बैठक, वीडियो कांफ्रेंसिंग, अभ्यर्थना प्राप्त तथा इन्हें संधारित करने सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को देखा।
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किसान को तत्काल मिला फसल ऋण, खेती की तैयारियों को मिली नई गति
बीकानेर, 1 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविर आमजन के लिए राहत और विश्वास का माध्यम बन रहे हैं। इन्हीं प्रयासों की बदौलत खाजूवाला उपखंड की ग्राम पंचायत खारवाली में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में किसान बरकत अली पुत्र आशिक अली को मौके पर ही फसल ऋण स्वीकृत हुआ।
बरकत अली ने आगामी कृषि सीजन के लिए फसल ऋण प्राप्त करने हेतु शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि समय पर ऋण नहीं मिलने के कारण बीज, खाद और अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था करना कठिन हो रहा था, जिससे खेती प्रभावित होने की आशंका थी।
शिविर में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों एवं सहकारिता विभाग की टीम ने आवेदन का तत्काल परीक्षण किया। आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर सभी औपचारिकताएं शिविर स्थल पर ही पूरी की गईं। पात्रता की पुष्टि होते ही फसल ऋण स्वीकृत कर दिया गया और किसान को तत्काल लाभ मिल गया।
ऋण समय पर मिलने से बरकत अली अब बिना किसी आर्थिक बाधा के खेती की तैयारियां कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान सरकार, जिला प्रशासन तथा शिविर में मौजूद अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले ऐसे कार्यों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जबकि अब एक ही स्थान पर त्वरित समाधान मिलने से समय, धन और श्रम—तीनों की बचत हुई है।
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विक्रम जागरवाल होंगे आईएफडब्ल्यूजे के जिलाध्यक्ष
बीकानेर, 1 जुलाई। बीकानेर के वरिष्ठ पत्रकार विक्रम जागरवाल, इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्ल्यूजे) की बीकानेर इकाई के जिलाध्यक्ष होंगे। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ ने जागरवाल को जिलाध्यक्ष मनोनीत किया है।
जागरवाल के बीकानेर ईकाई के जिलाध्यक्ष बनने पर पत्रकारों ने खुशी व्यक्त की है। बता दें कि विक्रम जागरवाल लंबे समय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े हैं। वहीं विभिन्न पत्रकार संगठनों में अलग अलग पदों पर रहते हुए अपनी जिम्मेदारी का कुशल निर्वहन कर चुके हैं। आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेशाध्यक्ष ने पत्रकारिता व संगठनों में उनके अनुभव को देखते हुए यह बड़ी जिम्मेदारी दी है।
जागरवाल ने प्रदेश कार्यकारिणी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में संगठन व पत्रकारों के हितों से जुड़े कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। संगठन की जिला कार्यकारिणी की घोषणा भी जल्द ही की जाएगी।
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ग्रामीण सेवा शिविर में मिली त्वरित राहत, हैंडपंप हुआ ठीक
बीकानेर,1 जुलाई । ग्रामीण सेवा शिविर के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुम्हारवाला (पंचायत समिति पूगल) में आयोजित कैंप ने एक बार फिर सुशासन और त्वरित समस्या समाधान का उदाहरण प्रस्तुत किया। शिविर के दौरान ग्रामीण अमरजीत सिंह ने श्री हरिराम जी मंदिर के पास लंबे समय से खराब पड़े हैंडपंप को ठीक करवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
शिविर प्रभारी ने आवेदन को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर खराब हैंडपंप की मरम्मत कर उसे पुनः चालू कर दिया। इससे स्थानीय लोगों को तुरंत स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो गई और उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो गया।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार की जनहितकारी पहल, ग्रामीण सेवा शिविर की प्रभावी कार्यप्रणाली तथा अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए उपखंड अधिकारी दिव्या बिश्नोई, शिविर प्रभारी अशोक पारीक (तहसीलदार), मुकेश भारती (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी), हरिराम खांडा (सहायक विकास अधिकारी) तथा रमजान खान (कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग) का आभार व्यक्त किया।
यह पहल दर्शाती है कि जन कल्याण शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे आमजन का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो रहा है।
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ग्रामीण सेवा शिविर में विभिन्न योजनाओं का मिला लाभ, अधिकांश परिवेदनाओं का मौके पर निस्तारण
बीकानेर, 1 जुलाई। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत कुम्हारवाला में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ब्लॉक स्तर के 22 विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
शिविर प्रभारी दिव्या बिश्नोई ने ग्रामीणों को विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र व्यक्तियों से इनका अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर में प्राप्त अधिकांश परिवेदनाओं का संबंधित विभागों द्वारा मौके पर ही निस्तारण किया गया।
विभिन्न विभागों की प्रमुख उपलब्धियां
पंचायतीराज विभाग ने 15 व्यक्तिगत शौचालयों की स्वीकृति के प्रस्ताव तैयार किए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 32 लाभार्थियों की द्वितीय तथा 12 लाभार्थियों की तृतीय किश्त जारी करने की कार्रवाई की गई।
राजस्व विभाग ने 119 खातों का शुद्धिकरण, 16 नामांतरण, 11 सीमाज्ञान, 3 रास्ता प्रकरण तथा 1 रास्ता विभाजन प्रकरण का निस्तारण किया।
सार्वजनिक निर्माण विभाग ने मरम्मत योग्य 4 विद्यालयों का निरीक्षण कर मरम्मत के प्रस्ताव तैयार किए।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) ने 3 हैंडपंपों की मौके पर मरम्मत करवाई। वहीं परिवादी अमरसिंह की शिकायत पर गांव की गलियों में पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कर जलापूर्ति सुचारु कराई गई।
परिवहन विभाग ने 4 पात्र व्यक्तियों को रोडवेज पास जारी किए। आयुर्वेद विभाग ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाओं का वितरण किया।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी चलो अभियान के तहत 4 बच्चों का प्रवेशोत्सव कराया। सामाजिक सुरक्षा विभाग ने पालनहार एवं अनुजा निगम सहायता के आवेदन तैयार किए। रसद विभाग ने आधार सीडिंग, कृषि विभाग ने पात्र लाभार्थियों को मिनीकिट बीजों का निःशुल्क वितरण तथा पशुपालन विभाग ने पशुओं को दवा पिलाने के साथ मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत बीमा किया।
चिकित्सा विभाग ने क्षय रोग के चिन्हित मरीजों को पोषण किट वितरित किए। सांख्यिकी विभाग ने 50 ग्रामीणों का जनाधार सत्यापन किया तथा शिक्षा विभाग ने पालनहार सत्यापन के 10 तथा नए स्कूल नामांकन के 49 विद्यार्थियों का पंजीयन किया।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश
शिविर के दौरान सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप ग्रामीण सेवा शिविरों का प्रभावी संचालन करते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए।
ग्रामीण सेवा शिविर में उपखंड अधिकारी श्रीमती दिव्या बिश्नोई उपखंड अधिकारी, तहसीलदार अशोक कुमार पारीक, नायब तहसीलदार सुभाष मीणा नायब तहसीलदार पूगल, सीबीईओ मुकेश भारती, सहायक विकास अधिकारी हरीराम खाण्डा, प्रशासक ग्राम पंचायत कुम्हारवाला, श्रीमती मकशुदा, ग्राम विकास अधिकारी लक्ष्मण सिरोहिया सहित 22 विभागों के अधिकारी कर्मचारी एवं ग्राम पंचायत क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
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शहरी सेवा शिविर में विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण, लाभार्थी को मिला पट्टा
बीकानेर, 1 जुलाई। राज्य सरकार के निर्देशानुसार संचालित शहरी सेवा शिविर-2026 के तहत बुधवार को बीकानेर विकास प्राधिकरण कार्यालय परिसर में शिविर आयोजित किया गया। शिविर में आयुक्त सिद्धार्थ पलानीस्वामी एवं सचिव हेमेन्द्र नागर ने आमजन से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं से राहत मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को शिविर की मूल भावना के अनुरूप प्रत्येक आवेदक को संतोषजनक एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
शिविर के दौरान कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत कॉलोनी के लाभार्थी रामचन्द्र को पट्टा वितरित किया गया। लाभार्थी ने पट्टा प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त की तथा राज्य सरकार के प्रति आभार जताया।
शिविर में विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इनमें कृष भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं के 21 पट्टे, प्राधिकरण की स्वयं की योजनाओं के 3 पट्टे, बकाया लीज जमा कराने पर 2 फ्री होल्ड एवं लीज मुक्ति प्रमाण-पत्र, 7 नामांतरण तथा 45 अन्य प्रकरणों का निस्तारण शामिल रहा।
शिविर में जोन उपायुक्त कुणाल राहड़, ऋषि सुधांशु पाण्डेय सहित प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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गुरुवार को होगा वीबी-जी राम जी योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ
बीकानेर, 1 जुलाई। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार विकसित भारत–जी राम जी (वीबी-जीरामजी) योजना का शुभारंभ बुधवार से पूरे देश में किया जा चुका है। इसी क्रम में राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी जिलों में योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को प्रातः 11 बजे से किया जाएगा।
जिले का जिला स्तरीय कार्यक्रम सागर तालाब, ग्राम पंचायत रिडमलसर में होगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा जिला कलेक्टर निशान्त जैन के मार्गदर्शन में किया जाएगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विकास अधिकारी, पंचायत समिति बीकानेर को प्रभारी नियुक्त किया गया है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला स्तरीय अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रहेगी। इस अवसर पर योजना की रूपरेखा, उद्देश्यों एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही ग्राम पंचायत रिडमलसर भवन में ओडिशा से आयोजित राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी प्रदर्शित किया जाएगा।
श्रीमती पांडे ने बताया कि वीबी-जीरामजी का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, जल संवर्धन, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण तथा ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना है। योजना के माध्यम से आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं सशक्त ग्रामों के निर्माण को गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण, रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण एवं ग्रामीण आधारभूत संरचनाओं के विकास से जुड़े कार्यों पर विशेष फोकस रहेगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीण नागरिकों से कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर योजना के सफल शुभारंभ के सहभागी बनने तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
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