प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य के नेतृत्व में जयपुर संभाग के कार्मिकों ने की मुलाकात, मिला सकारात्मक आश्वासन
प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य के नेतृत्व में जयपुर संभाग के कार्मिकों ने की मुलाकात, मिला सकारात्मक आश्वासन


एसीएस और संयुक्त सचिव को डीपीसी व पदोन्नति को लेकर सौंपे तीन महत्वपूर्ण ज्ञापन


बीकानेर, 3 जुलाई । शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान (बीकानेर) की ओर से मंत्रालयिक कर्मचारियों और अधिकारियों की पदोन्नति की राह आसान करने के लिए लॉबिंग तेज कर दी गई है. इसी कड़ी में शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य और कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष गिरजाशंकर आचार्य के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) महोदय एवं संयुक्त सचिव महोदय से विशेष मुलाकात की. इस दौरान जयपुर संभाग के पीड़ित कार्मिक भी साथ रहे और अधिकारियों को तीन सूत्री मांग पत्र सौंपकर त्वरित न्याय की मांग की गई।


प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं संयुक्त सचिव से वार्ता करते हुए मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन मांगें प्रमुखता से उठाईं:
रिव्यू डीपीसी का आयोजन: सत्र 2017 से 2025 तक की संस्थापन अधिकारी (Establishment Officer), प्रशासनिक अधिकारी (Administrative Officer) एवं अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी (AAO) के पदों की लंबित रिव्यू डीपीसी (DPC) अविलंब आयोजित की जाए.
आरपीएससी 86 के कार्मिकों को पदोन्नति: आरपीएससी (RPSC) से चयनित कनिष्ठ सहायकों की ‘स्टेट लेवल सिनियोरिटी’ को आधार मानते हुए पदोन्नति प्रक्रिया संपन्न की जाए. वरिष्ठ कार्मिकों को दरकिनार कर जूनियरों को दी गई दोषपूर्ण पदोन्नतियों को तुरंत प्रत्याहरित (Withdraw) किया जाए और वर्ष 1986 के प्रभावित कार्मिकों को पदोन्नति देकर नया पदस्थापन दिया जाए.
संभागीय पदोन्नति में तेजी: जयपुर एवं बीकानेर संभाग में कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) से वरिष्ठ सहायक (Senior Assistant) के पदों पर लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति प्रक्रिया को अतिशीघ्र पूरा किया जाए.
संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य और महेश रंगा ने शीर्ष अधिकारियों को अवगत कराया कि इन प्रशासनिक विसंगतियों और देरी के कारण सैकड़ों मंत्रालयिक कर्मचारियों व अधिकारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, साथ ही उनके करियर की पदोन्नति का लाभ भी प्रभावित हो रहा है. उन्होंने एसीएस महोदय से इन तीनों ज्ञापनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए तुरंत प्रभाव से आदेश जारी करने का निवेदन किया.
वार्ता के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं संयुक्त सचिव महोदय का रुख बेहद सकारात्मक रहा. उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मंत्रालयिक संवर्ग के इन सभी सेवा संबंधी प्रकरणों और विसंगतियों की गहन समीक्षा कर तत्काल नियमसम्मत व सकारात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, ताकि पात्र कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिल सके.


