खेजड़ली उच्छब में बीकानेर जिला उद्योग संघ निभाएगा सक्रिय सहभागिता, उद्योगपतियों को दिया आमंत्रण
खेजड़ली उच्छब में बीकानेर जिला उद्योग संघ निभाएगा सक्रिय सहभागिता, उद्योगपतियों को दिया आमंत्रण


- सुजानदेसर में रोपे जाएंगे 11 हजार पौधे, उद्योग संघ अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने पर्यावरण संतुलन के लिए खेजड़ी को बताया अचूक हथियार
बीकानेर, 3 जुलाई । पर्यावरण संरक्षण के महा-अभियान के तहत आगामी 5 जुलाई को सुजानदेसर स्थित काली माता मंदिर के पास आयोजित होने वाले ‘खेजड़ली उच्छब’ को औद्योगिक जगत का भी बड़ा साथ मिल गया है. बीकानेर जिला उद्योग संघ ने इस पुनीत कार्य में अपनी सक्रिय हिस्सेदारी निभाने और पूर्ण सहयोग प्रदान करने की आधिकारिक घोषणा की है.


बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के अध्यक्ष एडवोकेट अजय पुरोहित व महासचिव विनोद जोशी से मुलाकात के दौरान उन्हें इस मुहिम की सफलता के लिए आश्वस्त किया. पचीसिया ने संघ की समस्त सदस्य औद्योगिक इकाइयों और उद्यमियों को इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का पुरजोर आह्वान किया है. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में मानवीय गतिविधियों से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है. इस गंभीर संकट और बढ़ते तापमान के बीच पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में ‘खेजड़ी’ ही एक ऐसा एकमात्र सशक्त वृक्ष है, जो मरुस्थलीय विषम परिस्थितियों में भी थार की ढाल बना रहता है. उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे वैचारिक जागरण मंच के साथ कंधे से कंधा मिलाकर एक-एक खेजड़ी के पौधे को प्रकृति की स्तुति मानकर इस महायज्ञ में अपनी आहुति प्रदान करें.


इस अवसर पर बीकानेर वैचारिक जागरण मंच के अध्यक्ष एडवोकेट अजय पुरोहित ने उद्योग संघ को आश्वस्त करते हुए बताया कि सुजानदेसर में रोपे जाने वाले सभी 11,000 खेजड़ी के पौधों की केवल प्लांटेशन तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि उनकी सुरक्षा, पानी की व्यवस्था और दीर्घकालिक रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी स्वयं मंच द्वारा निभाई जाएगी.
बीकानेर जिला उद्योग संघ के सचिव वीरेंद्र किराडू ने कार्यक्रम की भव्यता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ‘खेजड़ली उच्छब’ के इस ऐतिहासिक पर्व में पर्यावरण के क्षेत्र में अद्वितीय और अनुकरणीय कार्य करने वाले देश के तीन प्रतिष्ठित ‘पद्मश्री’ पर्यावरण मित्र भी विशेष रूप से शिरकत करेंगे. उन्होंने बताया कि इस विशाल हरित आयोजन में बीकानेर जिला प्रशासन सहित शहर के तमाम प्रमुख सामाजिक संगठनों, औद्योगिक संगठनों, राजनीतिक दलों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि इस मुहिम को एक जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके.


