तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले व पदोन्नति पर बनी सहमति
तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले व पदोन्नति पर बनी सहमति


- एसीएस स्कूल शिक्षा से शैक्षिक महासंघ की वार्ता संपन्न
बीकानेर, 05 अगस्त । अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के प्रतिनिधिमंडल की एक उच्चस्तरीय वार्ता प्रदेशाध्यक्ष रमेशचंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव के साथ जयपुर में आयोजित की गई। इस वार्ता में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, पिछले 6 सत्रों से लंबित पदोन्नति सहित शिक्षक हित से जुड़ी अनेक मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई।


संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा एवं प्रदेश सचिव रवि आचार्य ने बताया कि वार्ता के दौरान माध्यमिक शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न लागू कर क्रमोन्नत विद्यालयों में नए पदों के आवंटन, शिक्षकों से विभिन्न वसूलियों को रोकने, जीपीएफ/एसआई ऋण तथा उपार्जित अवकाश (PL) का समय पर नगद भुगतान सुनिश्चित करने की प्रमुख मांग रखी गई।


पदोन्नति और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण पर जोर
प्रतिनिधिमंडल ने 32 वर्षों से पदोन्नति से वंचित शारीरिक शिक्षकों, वाणिज्य संकाय के शिक्षकों तथा विशेष रूप से 6 सत्रों से अटकी तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त करने के लिए उच्चतम न्यायालय में शीघ्र सुनवाई का प्रार्थना पत्र दाखिल करने का आग्रह किया। इसके अलावा, 33,000 संविदा शिक्षकों को प्रबोधकों की तर्ज पर नियमित करने, कंप्यूटर अनुदेशक कैडर को सुदृढ़ करने तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से पूर्णतः मुक्त रखने का विषय प्रमुखता से उठाया गया।
पारदर्शी तबादला नीति और अन्य मुख्य मांगें
तबादला नीति: शिक्षा विभाग में पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाकर तृतीय श्रेणी शिक्षकों, शारीरिक शिक्षकों, पुस्तकालय अध्यक्षों एवं प्रयोगशाला सहायकों के स्थानांतरण खोलने की मांग की गई।
वरिष्ठता व विकल्प: नए जिलों के गठन के बाद शिक्षकों की वरिष्ठता यथावत रखने तथा महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों को कैडर में पुनर्स्थापना का विकल्प देने का सुझाव दिया गया।
मिड-डे मील व्यवस्था: मिड-डे मील की बाल गोपाल योजना में मिल्क पाउडर के स्थान पर स्थानीय पशुपालकों से ताजा दूध और मोटा अनाज (श्री अन्न) शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया।
शासन की ओर से ये रहे उपस्थित
वार्ता में शासन की ओर से उप शासन सचिव मोनिका बराला, निदेशक (संस्कृत शिक्षा) प्रियंका जोधावत तथा शिक्षा सलाहकार बी.के. गुप्ता उपस्थित रहे। वहीं, संगठन प्रतिनिधिमंडल में प्रदेशाध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा, प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संपत सिंह, अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल एवं कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा शामिल थे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत सभी बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।


