शाला दर्पण पोर्टल की तकनीकी खामियों से शिक्षक परेशान
शाला दर्पण पोर्टल की तकनीकी खामियों से शिक्षक परेशान


- सर्वर क्षमता बढ़ाने एवं स्थायी समाधान की उठाई मांग
बीकानेर , 8 सितंबर। राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों के प्रमुख माध्यम बने ‘शाला दर्पण’ पोर्टल की बार-बार आ रही तकनीकी समस्याओं को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) ने गंभीर चिंता जताई है। संगठन ने शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर पोर्टल के सर्वर को अपग्रेड करने और स्थायी समाधान की मांग की है।


पोर्टल की खामियों से बढ़ रहा शिक्षकों पर मानसिक तनाव
राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के प्रदेशाध्यक्ष बनाराम चौधरी, मुख्य महामंत्री धर्मेंद्र गहलोत, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नीरज शर्मा और बीकानेर जिलाध्यक्ष आनंद पारीक ने पोर्टल की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए प्रमुख बिंदु उठाए:


कार्यों की भारी निर्भरता: विद्यालय प्रोफाइल, छात्र नामांकन, उपस्थिति, टीसी, परीक्षा परिणाम, छात्रवृत्ति, बोर्ड कार्य, शिक्षकों के अवकाश, स्थानांतरण तथा रिक्त पदों के प्रबंधन जैसे लगभग सभी महत्वपूर्ण कार्य शाला दर्पण पर ही निर्भर हैं।
अंतिम तिथियों पर सर्वर क्रैश: विभागीय कार्यों की अंतिम तिथियों के दौरान पोर्टल का धीमा होना, हैंग होना या पूरी तरह बंद हो जाना आम बात हो गई है। इसके कारण संस्था प्रधान और शिक्षक निर्धारित समय में काम पूरा नहीं कर पाते, जिससे उन्हें अतिरिक्त कार्यभार और मानसिक तनाव झेलना पड़ता है।
डिजिटल व्यवस्था की तकनीकी मजबूती आवश्यक: संगठन के प्रांतीय नेताओं ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का स्वागत है, लेकिन इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्बाध और तेज होना अनिवार्य है। पोर्टल की तकनीकी कमियों का खामियाजा शिक्षकों पर डालना न्यायसंगत नहीं है।
शिक्षक संघ ने उठाईं मुख्य मांगें
तत्काल सर्वर अपग्रेडेशन: शाला दर्पण पोर्टल की सर्वर क्षमता को तुरंत प्रभाव से बढ़ाया जाए।
स्थायी तकनीकी समाधान: पोर्टल को तेज और निर्बाध गति से संचालित करने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए।
नियमित मेंटेनेंस: सर्वर का नियमित तकनीकी रखरखाव (मेंटेनेंस) सुनिश्चित किया जाए ताकि अंतिम तिथियों पर लोड बढ़ने से सिस्टम ठप न हो।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकास: वरिष्ठ प्रदेश मंत्री गुलाब नाथ योगी ने मांग की कि शाला दर्पण को केवल साधारण पोर्टल न मानकर शिक्षा विभाग की मुख्य डिजिटल आधारभूत संरचना के रूप में विकसित किया जाए।
