बीकानेर में कांग्रेस-भाजपा की बाड़ेबंदी शुरू
बीकानेर में कांग्रेस-भाजपा की बाड़ेबंदी शुरू


- नतीजे आने तक होटल में रहेंगे प्रत्याशी, निर्दलीयों को भी साधने का प्लान
बीकानेर , 10 सितम्बर। बीकानेर नगर निगम चुनाव के तहत मतदान संपन्न होते ही प्रमुख राजनीतिक दलों में बाड़ेबंदी की कवायद तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल चुनाव परिणाम आने तक अपने उम्मीदवारों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस बार दलीय प्रत्याशियों से ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका और उनकी घेराबंदी को लेकर चर्चाएं गर्म हैं।


कांग्रेस की रणनीति
कांग्रेस ने अपने सभी 79 प्रत्याशियों को गंगाशहर स्थित एक होटल में एकत्र किया है। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, पूर्व शहर अध्यक्ष यशपाल गहलोत तथा वर्तमान अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने उम्मीदवारों के साथ संगठनात्मक चर्चा की। पार्टी की योजना के अनुसार, प्रत्याशियों को 14 सितंबर को मतगणना और परिणाम घोषित होने तक बीकानेर या आसपास के क्षेत्र में ही रखा जाएगा। यदि परिणाम कांग्रेस के पक्ष में रहते हैं और बोर्ड बनने की संभावना बनती है, तो निर्वाचित पार्षदों को राज्य से बाहर भी भेजा जा सकता है।


भाजपा का प्लान
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों पर निगरानी बढ़ा दी है, यद्यपि अभी औपचारिक बाड़ेबंदी शुरू नहीं की गई है। भाजपा नेतृत्व ने प्रत्याशियों को शहर न छोड़ने के निर्देश जारी किए हैं। नगर पालिका चुनावों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को पार्टी प्रभारी सभी प्रत्याशियों को एक स्थान पर जुटाएंगे। राज्य में सत्तारूढ़ दल होने के कारण भाजपा का रुख अपने पार्षदों को राजस्थान के भीतर ही किसी सुरक्षित स्थान पर रखने का है। 14 सितंबर को आने वाले नतीजों के बाद ही बीकानेर नगर निगम में बोर्ड गठन की अंतिम तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
