पार्श्वचन्द्र गच्छ का पर्युषण पर्व में आसानियों के चौक में भगवान महावीर स्वामी का विशेष पूजन व आराधना
पार्श्वचन्द्र गच्छ का पर्युषण पर्व में आसानियों के चौक में भगवान महावीर स्वामी का विशेष पूजन व आराधना


बीकानेर ,9 सितम्बर । श्री पार्श्वचन्द्र सूरि गच्छ जैन संघ का पर्वाधिराज पर्युषण पर्व बुधवार से आसानियों के चौक स्थित भगवान महावीर स्वामी जिनालय में वयोवृद्ध साध्वीश्री पदम प्रभा एवं साध्वी श्री सुव्रताश्रीजी के पावन सान्निध्य में भक्तिभाव के साथ प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर जिनालय में प्रभु की मनमोहक अंगी रचाई गई तथा स्तुति व वंदना का आयोजन हुआ।


साध्वी श्री सुव्रताश्रीजी का आध्यात्मिक उद्बोधन


कषायों का त्याग व आत्म-निरीक्षण: साध्वीश्री ने फरमाया कि पर्युषण पर्व आत्म-निरीक्षण करने तथा काम, क्रोध, लोभ एवं मोह जैसे विकारों का त्याग कर अहिंसा व संयम को जीवन में उतारने का पावन अवसर है।
सच्ची साधना का मर्म: उन्होंने कहा कि पर्युषण केवल उपवास, एकासना और सामायिक तक सीमित नहीं है, बल्कि मन को समेटकर आत्मा और परमात्मा के स्वरूप को पहचानने का समय है। क्रोध और अहंकार का त्याग कर नियमित जिनालय दर्शन, पूजा-अर्चना, प्रतिक्रमण, स्वाध्याय व जाप करना चाहिए।
दान व शील तप: साध्वीश्री ने दान तप और शील तप के आध्यात्मिक महत्व की विस्तार से व्याख्या की और श्रद्धालुओं को देव, गुरु व धर्म के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।युवाओं की सक्रिय भागीदारी और नियमित अनुष्ठानश्री पार्श्वचन्द्र सूरि गच्छ जैन संघ के अध्यक्ष रवीन्द्र रामपुरिया एवं मंत्री प्रताप रामपुरिया ने बताया कि पर्युषण पर्व के दौरान प्रतिदिन मंदिर में युवाओं और बालकों द्वारा जिनालय की सभी प्रतिमाओं की विशेष अंगी, पूजा व मंत्र जाप किया जाएगा। श्रावक-श्राविकाएं बड़ी संख्या में सामायिक, प्रतिक्रमण व तप-आराधना में लीन हैं।
