शेखर सम्मान से सम्मानित हुए वरिष्ठ साहित्यकार राजाराम स्वर्णकार
शेखर सम्मान से सम्मानित हुए वरिष्ठ साहित्यकार राजाराम स्वर्णकार


- स्व. चंद्रशेखर जोशी की जयंती पर सखा संगम का आयोजन
बीकानेर ,10 सितंबर । साहित्य, संस्कृति, खेल और सामाजिक सरोकारों के प्रति जीवनभर समर्पित रहे बहुआयामी व्यक्तित्व स्व. चंद्रशेखर जोशी की जन्म जयंती के अवसर पर सखा संगम संस्था की ओर से एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में बीकानेर के वरिष्ठ साहित्यकार, गीतकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजाराम स्वर्णकार को प्रतिष्ठित ‘शेखर सम्मान’ से विभूषित किया गया।


समारोह के मुख्य विचार एवं अतिथियों का उद्बोधन
मुख्य अतिथि डॉ. हरिशंकर आचार्य , उपनिदेशक, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने स्व. चंद्रशेखर जोशी के व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रतिभा को किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा। साहित्य के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों और खेल प्रशासन में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही। समाज ऐसे व्यक्तियों को उनके पद से अधिक उनके सहज व्यवहार और सबको साथ लेकर चलने की क्षमता के कारण याद रखता है।


अध्यक्षीय उद्बोधन में एन.डी. रंगा , अध्यक्ष, सखा संगम ने कहा कि चंद्रशेखर जोशी विचारों से समृद्ध तथा स्वभाव से सरल एवं मृदुभाषी थे। उनकी स्मृति में ‘शेखर सम्मान’ शुरू करने का मुख्य उद्देश्य उनके मानवीय, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवित रखना है।
विशिष्ट अतिथि राजेन्द्र जोशी ने स्व. जोशी को उत्सवधर्मी व्यक्तित्व का धनी बताते हुए कहा कि वे उत्सवों को समाज जोड़ने का माध्यम मानते थे। सखा संगम ने इस सम्मान के जरिए उनकी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का सार्थक प्रयास किया है।
कृतित्व पर प्रकाश और सम्मान के प्रति कृतज्ञता
समीक्षक अशफाक कादरी ने सम्मानित साहित्यकार राजाराम स्वर्णकार के साहित्यिक अवदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वर्णकार केवल रचनाकार नहीं, बल्कि बीकानेर की साहित्यिक गतिविधियों के सक्रिय संवाहक हैं।
सम्मान ग्रहण करने के उपरांत राजाराम स्वर्णकार ने इसे अत्यंत आत्मीय व भावनात्मक सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि स्व. चंद्रशेखर जोशी की स्मृति से जुड़ना उनके लिए गौरव की बात है, जिन्होंने साहित्य और समाज के बीच निरंतर संवाद बनाए रखा।
समारोह में मुक्ति संस्थान के अध्यक्ष एडवोकेट हीरालाल हर्ष, सोहनलाल जोशी और मंजूर अली चांदवानी ने भी स्व. जोशी से जुड़ी स्मृतियों को साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का सफल संचालन युवा कवि शशांक शेखर जोशी ने किया। इस दौरान नागेश्वर जोशी, मेघातिथि जोशी तथा शशि शेखर सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
