विद्यालय को संस्कार, संस्कृति एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का तीर्थ बनाने पर जोर
विद्यालय को संस्कार, संस्कृति एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का तीर्थ बनाने पर जोर


- हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ’ पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
बीकानेर ,13 सितम्बर । अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (राजस्थान विद्यालय शिक्षा), बीकानेर के संयोजन में रविवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (पवनपुरी दक्षिण विस्तार) परिसर में ‘हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ’ एवं ‘प्रभावी प्रार्थना सभा’ विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। अतिरिक्त जिला मंत्री मोहम्मद फैसल ने बताया कि इस कार्यशाला में बीकानेर जिले के विभिन्न खंडों से आए 40 प्रतिनिधि शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की।


प्रथम सत्र: प्रार्थना सभा बने सर्वांगीण विकास का माध्यम
कार्यशाला के प्रथम सत्र में प्रार्थना सभा को विद्यार्थियों के लिए अधिक आकर्षक और संस्कारवान बनाने पर विस्तृत मंथन हुआ।


संस्कार और अनुशासन: मुख्य वक्ता प्रदेश सचिव (महिला) श्रीमती चन्द्रकला ने कहा कि प्रार्थना सभा विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के बीजारोपण का मुख्य आधार है।
जिला समन्वयक का वक्तव्य: प्रार्थना सभा के जिला समन्वयक सुरेश खेशवानी ने इसे विद्यार्थियों की रुचि और विद्यालय के प्रति आकर्षण बढ़ाने का सशक्त माध्यम बताया।
समाज में फैले शिक्षा की सुगंध: सत्र की अध्यक्षता करते हुए एसीबीईओ कैलाश दान ने कहा कि जिस प्रकार अगरबत्ती अपनी सुगंध चारों ओर फैलाती है, उसी प्रकार शिक्षक को ऐसा कार्य करना चाहिए कि विद्यालयीय बदलाव की महक पूरे समाज तक पहुंचे। अतिथि उर्वशी शर्मा ने भी संगठन की मजबूती पर विचार व्यक्त किए। सत्र संचालन श्रीराम खिलेरी ने किया।
द्वितीय सत्र: ‘एक शिक्षक एक वृक्ष, एक विद्यार्थी एक पौधा’ का आह्वान
विद्यालय को बनाएं तीर्थ: मुख्य वक्ता प्रदेश सचिव रवि आचार्य ने ‘हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ’ विषय पर बोलते हुए कहा कि विद्यालय केवल ज्ञानार्जन का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र होना चाहिए, जहां अभिभावकों का आत्मीय जुड़ाव हो और विद्यार्थी खुद विद्यालय की आवाज बनें।
शैक्षिक समानता व महापुरुषों की जीवनी: जिलामंत्री बबीता वर्मा ने कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त शिक्षण व्यवस्था करने, महापुरुषों के आदर्शों को दैनिक शिक्षण में शामिल करने तथा पर्यावरण संरक्षण पर बल दिया।
पर्यावरण संरक्षण: जिला उपाध्यक्ष श्रीराम खिलेरी ने ‘एक शिक्षक एक वृक्ष, एक विद्यार्थी एक पौधा’ अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। इस सत्र का संचालन अनिल सोनी ने किया तथा आभार मनोज लखेरा ने जताया।
तृतीय सत्र: अनुभवों को धरातल पर उतारने का संकल्प
तृतीय सत्र की अध्यक्षता करते हुए विमला सोनी ने शिक्षकों से कार्यशाला में प्राप्त नवाचारों व अनुभवों को अपने-अपने विद्यालयों में लागू करने की अपील की। जिलाध्यक्ष दानाराम भादू ने विद्यालयों को संस्कार निर्माण का केंद्र बनाने की बात कही।
कार्यक्रम के अंत में मोहम्मद रमजान ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में विनोद पुनिया, अमित गुरिया, जामनत सिंह, बगसाराम, दयाशंकर शर्मा, मीरां वर्मा, सुभाष सोनी, विकास पंवार, अशोक कुमार, रचना सहारण सहित अनेक शिक्षकों ने विचार साझा किए।
