राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति का साहित्यकार समारोह संपन्न
राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति का साहित्यकार समारोह संपन्न



- कागज से स्क्रीन तक’ विषय पर संगोष्ठी में साहित्यकारों ने व्यक्त किए विचार
श्रीडूंगरगढ़/बीकानेर, 27 सितम्बर । राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति के तत्वावधान में संस्कृति भवन में वार्षिक साहित्यकार समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर ‘कागज से स्क्रीन तक बदली सृजन की दुनिया’ विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में देश भर के नामचीन साहित्यकारों व शिक्षाविदों ने भाग लिया, साथ ही विभिन्न श्रेणियों में सृजन सम्मान व पुरस्कार अर्पित किए गए।


संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कोटा कृषि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. विमला डुकवाल ने कहा कि कागज से स्क्रीन तक का सफर केवल माध्यम का परिवर्तन नहीं, बल्कि मनुष्य की पढ़ने और सोचने की आदतों का बदलाव है। तकनीक के दौर में साहित्य की असली शक्ति उसके ठहराव और संवेदना में निहित है।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जैन विश्व भारती संस्थान, लाडनूं के कुलपति प्रो. बच्छराज दुगड़ ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शब्दों को सजा सकती है, लेकिन किसी अनुभव की धड़कन मनुष्य ही दे सकता है। साहित्य का मूल काम मनुष्य को अपने भीतर के संसार से साक्षात्कार कराना है।
मुख्य वक्ता डॉ. मदन गोपाल लढ़ा ने कहा कि तकनीक के प्रसार से रचना क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है और रचनाधर्मियों को इसके सकारात्मक प्रयोग से संवेदनशील समाज का निर्माण करना होगा। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व साहित्यकार डॉ. सूरज सिंह नेगी तथा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मधुकांत ने भी शब्दों की आत्मा और संवेदनशीलता को बचाए रखने पर बल दिया।
इससे पूर्व संस्थाध्यक्ष श्याम महर्षि और सचिव रवि पुरोहित ने समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संस्था की गतिविधियों को साझा किया। कार्यक्रम का संचालन कवयित्री भगवती पारीक ‘मनु’ ने किया।
इन्हें मिला सृजन सम्मान व पुरस्कार:
- समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया।
- मलाराम माली स्मृति साहित्यश्री सम्मान: डॉ. मधुकांत (रोहतक)
- डॉ. नंदलाल महर्षि स्मृति हिन्दी सृजन पुरस्कार: डॉ. सूरजसिंह नेगी (जयपुर)
- रामकिशन उपाध्याय स्मृति समाज सेवा सम्मान: डी.पी. पचीसिया (बीकानेर)
- शिवप्रसाद सिखवाल स्मृति महिला लेखन पुरस्कार: श्रीमती मीरा जैन (उज्जैन)
- सुरेश कंचन ओझा लेखन पुरस्कार: डॉ. सतीश कुमार (किशनगढ़)
- श्री चंद्रमोहन हाड़ा हिमकर स्मृति उपन्यास लेखन पुरस्कार: अरविंद पथिक (गाजियाबाद)
- श्याम सुंदर नागला स्मृति बाल साहित्य पुरस्कार: लाल देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव (बस्ती)
समारोह में महावीर माली, विजय महर्षि, भवानी-कांति उपाध्याय, विनोद सिखवाल, पंकज बिंदिया ओझा, प्रशांत बिस्सा, रामचंद्र राठी सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
