गैंगस्टर रोहित गोदारा का मकान तोड़ने का मामला पहुंचा हाईकोर्ट; मां की याचिका पर सुनवाई के बाद बीकानेर SP को 10 दिन में जांच के आदेश
गैंगस्टर रोहित गोदारा का मकान तोड़ने का मामला पहुंचा हाईकोर्ट



बीकानेर, 28 सितम्बर। बीकानेर के लूणकरणसर क्षेत्र स्थित कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के दो मंजिला मकान को बुलडोजर से ढहाने का मामला अब राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच गया है। रोहित गोदारा की मां शकुंतला देवी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बीकानेर पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायत व दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।


अदालत ने याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। हाईकोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि प्राथमिक जांच में अनधिकृत प्रवेश, तोड़फोड़ या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है, तो पुलिस तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करे।


13 जुलाई की रात रहस्यमयी ढंग से ढहाया गया था मकान
उल्लेखनीय है कि 13 जुलाई 2026 की रात लूणकरणसर कस्बे से लगभग 16 किलोमीटर दूर तेजाणा ढाणी स्थित दो मंजिला मकान पर अचानक जेसीबी चलाकर पिछले हिस्से को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया था। घटना के समय मकान के दरवाजे व खिड़कियां भी चोरी होने का आरोप लगाया गया था। महीनों बीत जाने के बाद भी यह रहस्य बना हुआ है कि बुलडोजर कार्रवाई किसके आदेश पर और किन लोगों द्वारा की गई, क्योंकि पुलिस या प्रशासन ने आधिकारिक रूप से इसकी जिम्मेदारी नहीं ली थी।
एफबीआई (FBI) की चार्जशीट में भी दर्ज है रोहित गोदारा का नाम
विदेश में बैठकर आपराधिक नेटवर्क चलाने वाला रोहित गोदारा केवल भारतीय पुलिस ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के निशाने पर भी है। कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़े मामले में अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई द्वारा दाखिल चार्जशीट में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के साथ रोहित गोदारा के नाम का भी उल्लेख किया गया है।
अब बीकानेर पुलिस की जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मकान तोड़ने की इस रहस्यमयी घटना के पीछे किन लोगों की भूमिका थी।
