दीपावली के बीच पंचायत चुनाव का तीसरा चरण को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों की बढ़ी चिंता
दीपावली के बीच पंचायत चुनाव का तीसरा चरण को लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों की बढ़ी चिंता

- चुनाव तिथियां स्थगित करने की मांग
बीकानेर, 04 अक्टूबर । प्रस्तावित पंचायत चुनाव के तीसरे चरण की प्रक्रिया दीपावली महापर्व के ठीक बीच में पड़ने के कारण शिक्षक और कर्मचारी वर्ग में भारी चिंता और असमंजस का माहौल बन गया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (राजस्थान) ने निर्वाचन आयोग से मानवीय व व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए तीसरे चरण के चुनावी कार्यक्रम को दीपावली के बाद कराने की मांग की है।


त्योहार और चुनावी ड्यूटी के बीच तालमेल की बड़ी चुनौती


प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार तीसरे चरण की चुनावी प्रक्रिया 3 से 7 नवंबर तक होनी है। वहीं, इस वर्ष 6 नवंबर को धनतेरस, 7 नवंबर को रूप चौदस (छोटी दीपावली) तथा 8 नवंबर को मुख्य दीपावली पर्व मनाया जाएगा। इसी अवधि में विद्यालयों में मध्यावधि (मिड-टर्म) अवकाश भी रहता है। ऐसे में चुनावी प्रशिक्षण और ड्यूटी में लगाए जाने वाले कर्मचारियों के सामने त्यौहार की तैयारियों और प्रशासनिक दायित्वों के बीच सामंजस्य बिठाना बेहद कठिन साबित होगा।
गृह जिले से बाहर कार्यरत शिक्षकों की समस्याएं
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश सचिव रवि आचार्य ने कहा कि बड़ी संख्या में शिक्षक अपने मूल गृह जिले से दूर अन्य जिलों में कार्यरत हैं। वे पूरे वर्ष मध्यावधि अवकाश का इंतजार करते हैं ताकि परिवार के साथ दीपावली मना सकें। यदि अवकाश के दौरान ही चुनावी ड्यूटी या प्रशिक्षण रखा जाता है, तो वे घर जाने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने मांग की कि गृह जिले से बाहर पदस्थापित शिक्षकों को विशेष शिथिलता देते हुए उनकी ड्यूटी का स्थानीय स्तर पर या वैकल्पिक तिथियों में समायोजन किया जाए।
मानवीय और व्यावहारिक समायोजन की आवश्यकता
संघ के मंडल संयुक्त मंत्री विनोद पुनिया ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी चुनावी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट रहे हैं, बल्कि यह मांग विशुद्ध रूप से मानवीय और व्यावहारिक समायोजन की है। अर्धवार्षिक परीक्षाओं, खेलकूद प्रतियोगिताओं व अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए चुनावी तिथियों का पुनर्निर्धारण आवश्यक है, ताकि शिक्षक व कर्मचारी अपने लोकतांत्रिक कर्तव्यों का निष्पादन करने के साथ-साथ परिवार के साथ शांतिपूर्वक दीपावली भी मना सकें।
