मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के चौथे दिन निकली जन-जागरूकता रैली

मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के चौथे दिन निकली जन-जागरूकता रैली
quicjZaps 15 sept 2025
  • मेडिकल व नर्सिंग विद्यार्थियों ने लिया भाग; कोचिंग संस्थान में पोस्टर विमोचन के जरिए युवाओं को किया जागरूक
  • नशामुक्त और मानसिक रूप से स्वस्थ समाज का दिया संदेश

बीकानेर, 07 अक्टूबर । मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने, नशे से बचाव का संदेश देने तथा मानसिक रोगों से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से पीबीएम अस्पताल के मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग तथा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम इकाई, बीकानेर के तत्वावधान में बुधवार को विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के चौथे दिन आयोजित इन कार्यक्रमों में विशाल पैदल रैली और पोस्टर विमोचन प्रमुख आकर्षण रहे।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

पीबीएम अस्पताल से मेडिकल चौराहे तक निकाली गई जागरूकता रैली

pop ronak

मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग से शुरू हुई विशाल जन-जागरूकता रैली को विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल तथा जिला नोडल अधिकारी (डीएमएचपी) डॉ. हरफूल सिंह के नेतृत्व में रवाना किया गया। मेडिकल और नर्सिंग विद्यार्थियों की सहभागिता वाली यह रैली पीबीएम परिसर से होते हुए मेडिकल चौराहा पहुंची। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए विद्यार्थियों ने आमजन को मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, नशे से दूर रहने और समय पर विशेषज्ञ परामर्श लेने का संदेश दिया। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि विकसित भारत के निर्माण के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ और नशामुक्त समाज अत्यंत आवश्यक है।

रैली में सहायक आचार्य डॉ. एम.डी. स्वामी, सीनियर रेजिडेंट डॉ. मांगीलाल, नर्सिंग सुपरवाइजर प्रेम कुमार, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर रविंद्र सक्सेना व लालचंद, सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्र भाटी सहित विभाग के चिकित्सक एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

कोचिंग संस्थान में हुआ पोस्टर विमोचन; युवाओं को तनाव प्रबंधन के प्रति किया सजग

अभियान के अंतर्गत दूसरी गतिविधि के रूप में स्थानीय कोचिंग संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति से संबंधित जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया गया। विनोद पंचारिया एवं राजी राम जी द्वारा पोस्टर विमोचन के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को मानसिक तनाव के शुरुआती लक्षणों को पहचानने, परामर्श लेने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।

शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है मानसिक स्वास्थ्य: डॉ. श्री गोपाल गोयल
विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य का अभिन्न अंग है। मानसिक बीमारियों को सामाजिक कलंक या कमजोरी मानने के बजाय अन्य सामान्य रोगों की तरह समय पर उपचार योग्य स्वास्थ्य समस्या समझना चाहिए। विशेषज्ञों ने कहा कि युवाओं में सकारात्मक सोच, संयमित जीवनशैली और नशामुक्त वातावरण का निर्माण ही एक सशक्त और उत्पादक राष्ट्र की नींव रखता है।