धरणीधर रंगमंच पर ‘लोक का उजास’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण, मदनगोपाल व्यास ‘जैरी’ के व्यक्तित्व पर है केंद्रित
धरणीधर रंगमंच पर 'लोक का उजास' पुस्तक का भव्य लोकार्पण, मदनगोपाल व्यास 'जैरी' के व्यक्तित्व पर है केंद्रित

- लोक का उजास- बीकानेर का सांस्कृतिक दस्तावेज, लोककला हमारी संस्कृति की आत्मा: मालचंद तिवाड़ी
बीकानेर, 10 अक्टूबर । प्रज्ञालय संस्थान, बीकानेर की ओर से वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा द्वारा संपादित पुस्तक ‘लोक का उजास’ का भव्य लोकार्पण समारोह शनिवार, 10 अक्टूबर को धरणीधर रंगमंच में संपन्न हुआ। यह पुस्तक ख्याति प्राप्त वरिष्ठ लोककलाकार व संस्कृतिकर्मी मदनगोपाल व्यास ‘‘जैरी’’ के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित है।


समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं आलोचक मालचंद तिवाड़ी ने कहा कि लोककला हमारी संस्कृति की आत्मा है, जिसे मदन जैरी ने अपने जीवन में जीया है। उन्होंने कहा कि कमल रंगा द्वारा संपादित यह पुस्तक केवल एक जीवनी मात्र नहीं है, बल्कि बीकानेर की आधी सदी के सांस्कृतिक इतिहास का एक जीवंत दस्तावेज है, जो आने वाली पीढ़ियों को हमारी समृद्ध विरासत से रूबरू कराएगा।


समारोह की अध्यक्षता करते हुए आध्यात्मिक गुरु जुगल किशोर ओझा ‘‘पुजारी बाबा’’ ने कहा कि कला जब अध्यात्म से जुड़ती है तो लोकमंगलकारी बन जाती है। मदनगोपाल व्यास भक्ति और कला के सुंदर संगम हैं। दाताश्री रामेश्वरानंद पुरोहित, ज्योतिषाचार्य राजेंद्र किराडू एवं वरिष्ठ साहित्यकार बुलाकी शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पुस्तक को सांस्कृतिक धरोहर बताया।
पुस्तक के संपादक कमल रंगा ने संपादन प्रक्रिया और मदनगोपाल व्यास के सांस्कृतिक अवदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम में युवा साहित्यकार विप्लव व्यास ने पत्रवाचन किया। समारोह में डॉ. नृसिंह बिन्नाणी, राजेंद्र जोशी, अविनाश व्यास सहित शहर की सैकड़ों गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ उद्घोषक ज्योतिप्रकाश रंगा ने किया तथा आभार युवा कवि गिरिराज पारीक ने जताया।
