

चेन्नई, 31 अक्टूबर । युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के विद्वान सुशिष्य डॉ. मुनिश्री पुलकित कुमारजी ठाणा 2 के सानिध्य में ट्रिप्लीकेन तेरापंथ भवन में दीक्षार्थी जहान बेताला का अभिनंदन समारोह भव्यता के साथ आयोजित किया गया।


कार्यक्रम स्थल पर दीक्षार्थी के पहुंचते ही संपूर्ण जनसमूह ने ‘संयमी अमर रहो’ और ‘दीक्षार्थी की जय-जयकार’ के गगनभेदी नारों के साथ उनका भावभीना स्वागत किया। मुनिश्री द्वारा नवकार महामंत्र के उच्चारण के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।



समारोह में उपस्थित विशाल जैन समुदाय को संबोधित करते हुए डॉ. मुनिश्री पुलकित कुमारजी ने कहा कि अशुभ कर्मों का क्षय करने के लिए ही दीक्षा स्वीकार की जाती है। जैन मुनि दीक्षा केवल वेश परिवर्तन नहीं, बल्कि जीवन का क्लेश मिटाने का संकल्प है। मुनि जीवन का अर्थ अपने मन को गुरु चरणों में मंगलमय आचरण के लिए पूर्णतः समर्पित कर देना है।
दीक्षार्थी बालक जहान के प्रति मंगल भावना प्रकट करते हुए मुनिश्री ने कहा कि जिस सिंह वृत्ति से वे पांच महाव्रतों को स्वीकार करने जा रहे हैं, उसी उच्च भावना से गुरु दृष्टि की आराधना करते हुए अंत समय तक उसका पालन करें। मुनिश्री ने बताया कि तेरापंथ संघ में दीक्षा से पूर्व गहन शिक्षा और परीक्षा होती है। उन्होंने इकलौते पुत्र का गुरु चरणों में दान देने के लिए माता-पिता को साधुवाद देते हुए उनके सौभाग्य की सराहना की तथा अपने जीवन के संस्मरण सुनाकर दीक्षार्थी को आशीर्वाद प्रदान किया।
नचिकेता मुनिश्री आदित्य कुमारजी एवं ट्रिप्लीकेन तेरापंथ महिला मंडल ने सुमधुर मंगल विदाई गीत प्रस्तुत किया। संदीप मुथा ने दीक्षार्थी का जीवन परिचय प्रस्तुत किया, जबकि माता नताशा एवं पिता प्रवीण बेताला ने भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए।
अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए दीक्षार्थी बालक जहान बेताला ने कहा, “यह मेरा परम सौभाग्य है कि पूज्य गुरुदेव आचार्य महाश्रमण जी मुझे 18 जनवरी 2027 को लाडनूं (राजस्थान) में जैन मुनि दीक्षा प्रदान कर अपनी धवल सेना में शामिल कर रहे हैं। गुरु चरणों में दीक्षित होकर आत्म-कल्याण करते हुए मोक्ष मंजिल को प्राप्त करना ही मेरी एकमात्र अभिलाषा है।” उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से अपनी दीक्षा के उपलक्ष्य में संयमित जीवन जीने का संकल्प लेने का आह्वान भी किया।
समारोह में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष धारीवाल ने स्वागत भाषण दिया। इसके अतिरिक्त चेन्नई सभाध्यक्ष महेंद्र मांडोत, महासभा से विमल चिप्पड़, तेयुप मंत्री श्रीकांत चौरडिया, तंडियारपेट से रीमा सिंघवी, अणुव्रत समिति से कुशल बांठिया, उपासक वर्ग से स्वरूपचंद दांती, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम से प्रमिला जैन, कंचन समदड़िया, धनराज मालू, गौतम सेठिया एवं विजयराज गेलड़ा सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने दीक्षार्थी के प्रति अपनी मंगल भावनाएँ प्रकट कीं।
चेन्नई की सभी तेरापंथ संघीय संस्थाओं की तरफ से दीक्षार्थी भाई का साहित्य एवं शॉल से अभिनंदन किया गया। धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष बुद्धवंती धारीवाल एवं संचालन महिला मंडल अध्यक्ष मंजु गेलडा ने किया। जानकारी संतोष सेठिया ने प्रदान की।।

