संसद से 200 मीटर दूर सांसदों के आवास ‘ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट’ में भीषण आग, स्टाफ क्वार्टर जलकर ख़ाक

संसद से 200 मीटर दूर सांसदों के आवास 'ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट' में भीषण आग, स्टाफ क्वार्टर जलकर ख़ाक
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दमकल विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप; स्थानीय निवासियों ने 40 मिनट की देरी और खराब फायर फाइटिंग उपकरणों की शिकायत की

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नई दिल्ली। (वीआईपी क्षेत्र संवाददाता, 19 अक्टूबर) राजधानी दिल्ली में सुरक्षा और संवेदनशीलता की दृष्टि से सबसे अहम माने जाने वाले इलाके में शनिवार को एक बड़ा हादसा सामने आया। संसद भवन से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित डॉ. बिशंभर दास मार्ग पर सांसदों के आधिकारिक आवास ‘ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट’ के स्टाफ क्वार्टर में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि स्टाफ क्वार्टर बुरी तरह जलकर ख़ाक हो गए। आग लगने की इस घटना ने सरकारी व्यवस्थाओं और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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40 मिनट की देरी से पहुंची दमकल, उपकरणों पर सवाल
स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने दमकल विभाग की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। निवासियों के अनुसार, आग लगने की सूचना मिलने के बावजूद, पास में स्थित तीन फायर स्टेशनों से फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ घटनास्थल पर लगभग 40 मिनट की देरी से पहुंचीं।

ब्रह्मपुत्र अपार्टमेंट के निवासियों ने यह भी शिकायत की कि बिल्डिंग के अंदर स्थापित फायर फाइटिंग पाइप्स में पानी नहीं था और कई सुरक्षा मशीनें खराब पड़ी थीं। आप सांसद संजय सिंह व टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह मुद्दा उठाया और 30 – 40 मिनट तक दमकल के न पहुंचने का आरोप लगाया। इस अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र में आपातकालीन उपकरणों का खराब होना एक बड़ी प्रशासनिक चूक की ओर इशारा करता है।

भारी नुक़सान और घायल
बताया जा रहा है कि यह आग अपार्टमेंट परिसर के ग्राउंड फ्लोर से लगी और तेजी से स्टाफ क्वार्टरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की चपेट में आने से दो बच्चियों समेत एक महिला मामूली रूप से झुलस गई, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके अलावा, दो कारें, एक स्कूटी और घरेलू सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। एक पालतू कुत्ता भी आग में झुलस गया।

स्थानीय निवासियों ने आशंका जताई कि आग लगने का प्रारंभिक कारण बच्चों द्वारा फोड़े गए पटाखे हो सकते हैं, जो पुराने फर्नीचर और सोफों के पास रखे थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस और दमकल सेवा के अधिकारी आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक जांच कर रहे हैं।

दमकल की 14 गाड़ियाँ (जिनमें टीटीएल भी शामिल थी) मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद अपराह्न 2 बजकर 10 मिनट तक आग पर काबू पाया जा सका। इस घटना ने एक बार फिर वीआईपी क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया है।दिल्ली फायर सर्विस ने कहा कि दोपहर 1:22 बजे कॉल मिली और छह दमकल गाड़ियां तुरंत रवाना की गईं. अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. हालांकि, आग लगने की वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है और जांच जारी है.

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