अजित फाउंडेशन द्वारा ‘सृजन सौरभ लक्ष्मीनारायण रंगा’ का आगाज
अजित फाउंडेशन द्वारा 'सृजन सौरभ लक्ष्मीनारायण रंगा' का आगाज

- वक्ताओं ने कहा- रंगा का साहित्य आज भी है पूरी तरह प्रासंगिक
बीकानेर, 17 अक्टूबर। अजित फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित ‘सृजन सौरभ लक्ष्मीनारायण रंगा’ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ पुस्तक प्रदर्शनी के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं व्यंग्यकार बुलाकी शर्मा ने कहा कि स्व. लक्ष्मीनारायण रंगा की कविताएं न केवल अपने समय में प्रासंगिक थीं, बल्कि वे आज के दौर में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी प्रासंगिक बनी रहेंगी। उनकी रचनाओं में सामाजिक समरसता और तीखे व्यंग्य का अनूठा संगम देखने को मिलता है। उन्होंने याद किया कि रंगा हमेशा नवसृजन और नए प्रयोगों की प्रेरणा देते थे।


समारोह के विशिष्ट अतिथि, वरिष्ठ उर्दू शायर जाकिर अदीब ने कहा कि लक्ष्मीनारायण रंगा ने हिंदी, राजस्थानी और गजल विधा पर समान रूप से सशक्त पकड़ बनाई और हमेशा नए लेखकों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों ने लक्ष्मीनारायण रंगा के कृतित्व पर आधारित लगभग 130 पुस्तकों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसमें हिंदी और राजस्थानी की विभिन्न विधाओं की रचनाएं प्रदर्शित की गईं।


अजित फाउंडेशन के समन्वयक संजय श्रीमाली ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को उनके साहित्य और व्यक्तित्व से परिचित कराना है। इसके बाद हुए दूसरे चरण में राजस्थानी और हिंदी कविताओं, गजलों व गीतों का दौर चला, जिसमें विप्लव व्यास, अक्षिता जोशी, आनंद छंगाणी, शिवप्रकाश शर्मा, आनंद पुरोहित ‘मस्ताना’, भावना स्वामी, महक आचार्य, डॉ. शकीला बानो, मोईनुद्दीन ‘मोईन’ और गौरीशंकर सोनी ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के प्रारंभ में कासीम बीकानेरी ने जीवनवृत्त प्रस्तुत किया और अंत में प्रो. नरसिंह बिन्नानी ने आभार ज्ञापित किया।
आयोजन के तहत आगामी कल 18 अक्टूबर 2026 को सायं 5:15 बजे ‘रंगकर्म, शिक्षा एवं साहित्य’ विषय पर युवा कथाकार हरीश बी. शर्मा व्याख्यान देंगे। इस सत्र की अध्यक्षता मूर्धन्य साहित्यकार मालचंद तिवारी करेंगे।

