शिक्षा विभाग में मंत्रालयिक संवर्ग की समस्याओं पर ‘आर-पार’ की जंग; प्रदेशाध्यक्ष आचार्य ने शिक्षा मंत्री को लिखे तीन पत्र


बीकानेर,15 जनवरी । शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान, बीकानेर ने विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सरकार और निदेशालय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, शासन सचिव कृष्ण कुणाल और माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट को तीन अलग-अलग पत्र भेजकर तीन दिवस के भीतर समाधान की चेतावनी दी है।


रिव्यु डीपीसी के चयनितों का पदस्थापन और वरिष्ठता सूची की मांग


प्रदेशाध्यक्ष कमल नारायण आचार्य ने अपने पत्रों के माध्यम से मांग की है कि अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारियों के चयन वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक की रिव्यु डीपीसी (Review DPC) में जिन कार्मिकों का चयन हुआ है या जिनका चयन निरस्त किया गया है, उनका तत्काल पदस्थापन आदेश जारी किया जाए। इसके साथ ही, 1 अप्रैल 2025 की स्थिति के अनुसार निदेशालय स्तर पर कार्यरत सहायक प्रशासनिक अधिकारियों की मिश्रित वरिष्ठता सूची (Inter-se Seniority List) अविलंब जारी की जाए, ताकि पदोन्नति की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
पदों के पुनर्गठन और आवंटन पर 3 दिन का अल्टीमेटम
संघ ने स्कूल शिक्षा विभाग में मंत्रालयिक संवर्ग के पदों के पुनर्गठन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। आचार्य ने पुरजोर मांग की है कि पुनर्गठन के फलस्वरूप पदों में हुई वृद्धि या कमी के अनुसार पदों के आवंटन की आधिकारिक स्वीकृति आगामी तीन दिनों में जारी की जाए। संगठन ने स्पष्ट किया है कि पदों का आवंटन न होने से कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है और कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रदेशाध्यक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि निर्धारित समयावधि में संगठन की मांगों पर कार्रवाई कर अवगत करवाया जाए, अन्यथा कर्मचारी संघ आगामी रणनीति तय कर आंदोलन की घोषणा करेगा। इन पत्रों के प्रेषित होने के बाद शिक्षा निदेशालय में हलचल तेज हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से इन प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अटके होने के कारण उनके करियर की प्रगति बाधित हो रही है।








