शिक्षा निदेशक और प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन के बीच 1 घंटे चली सार्थक वार्ता
शिक्षा निदेशक और प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन के बीच 1 घंटे चली सार्थक वार्ता



- बकाया फीस पर TC की बाध्यता समाप्त करने और RTE भुगतान पर बनी सहमति
बीकानेर, 11 जून। बीकानेर में निजी स्कूलों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के स्थाई समाधान को लेकर गुरुवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में एक महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे तक करीब एक घंटे चली इस सौहार्दपूर्ण वार्ता में शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने ‘प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन’ के 34 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल की सभी समस्याओं और जिज्ञासाओं को बेहद गंभीरता से सुना और उनके सकारात्मक समाधान का भरोसा दिलाया।


RTE भुगतान और प्री-प्राइमरी कक्षाओं पर विस्तृत चर्चा
प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा निदेशक के सामने शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लंबित भुगतान, कोरोना काल के दौरान ऑफलाइन शिक्षण की प्रतिपूर्ति और सत्र 2018-19 व 2019-20 में लगाए गए विभिन्न बैरियर्स को हटाकर भुगतान जारी करने की मांग प्रमुखता से उठाई।


निदेशक का आश्वासन: निदेशक सीताराम जाट ने इन सभी बिंदुओं पर शीघ्र उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
प्री-प्राइमरी भुगतान: इस विषय पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं के भुगतान से संबंधित मामला केंद्र सरकार के ध्यान में लाया जा चुका है। जैसे ही केंद्र से दिशा-निर्देश (Guidelines) प्राप्त होंगे, इस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिल जनरेशन: विभाग द्वारा आरटीई के अंतर्गत क्लेम बिल जनरेशन का कार्य भी अतिशीघ्र शुरू करने की बात कही गई। इसके अलावा यूनिट कॉस्ट में वृद्धि और प्रतिवर्ष समयबद्ध भुगतान की व्यवस्था बनाने पर भी सहमति बनी।
फीस बकाया होने पर TC देने की बाध्यता होगी समाप्त
निजी स्कूल संचालकों ने सबसे बड़ी पीड़ा यह व्यक्त की कि कई बार अभिभावकों द्वारा फीस बकाया रखने के बावजूद भी नियमों के तहत स्कूल को टीसी (Transfer Certificate) जारी करनी पड़ती है, जिससे स्कूलों को आर्थिक नुकसान होता है। इस पर निदेशक ने बीच का रास्ता निकालने का पूरा भरोसा दिया। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों से इस संबंध में व्यावहारिक सुझाव मांगे और मातहत अधिकारियों को एक मजबूत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
कोचिंग के समय में बदलाव और पोर्टल पर परीक्षा परिणाम
निजी स्कूलों के पीएस (PS) पोर्टल पर ही विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को जोड़ने के सुझाव को निदेशक ने तुरंत स्वीकार करते हुए आईटी विंग को इस दिशा में काम करने के निर्देश दिए। साथ ही, स्कूली छात्र-छात्राओं के हित में कोचिंग संस्थानों का समय दोपहर बाद यानी शाम 4:00 बजे के बाद निर्धारित करने तथा स्कूलों को उनकी फीस और नामांकन संख्या के आधार पर तीन या चार अलग-अलग श्रेणियों (वर्गों) में विभाजित करने के बिंदु पर भी सार्थक विचार-विमर्श हुआ। मान्यता व क्रमोन्नति के नियमों को सरल बनाने और मान्यता सरेंडर करने की प्रक्रिया के सरलीकरण पर भी सकारात्मक प्रयास करने की बात कही गई।
प्रतिनिधि मंडल ने किया निदेशक का सम्मान
सार्थक वार्ता के समापन पर प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा निदेशक सीताराम जाट को सेवा अभिनंदन चिह्न और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान आरटीई की सहायक निदेशक चंद्र किरण पंवार एवं मोहित मान भी प्रशासनिक स्तर पर उपस्थित रहे।
इन प्रमुख शिक्षाविदों और प्रतिनिधियों की रही सहभागिता
इस महत्वपूर्ण वार्ता में ‘पैपा’ के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल, इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष के.एन. भाटी (जालौर), स्वराज के महासचिव डॉ. मुकेश मांडण (जोधपुर), उपाध्यक्ष भागीरथमल (चूरू), दिनेश पारीक (जोगलसर), श्रवण कुमार बांसूड़ा, सहीराम सारोठिया शामिल हुए।
इनके साथ ही जयपुर से सवाई सिंह धायल, प्रेम चंद बैरवा, जगदीश चौपड़ा, रामचंद्र बुरी व रामप्रसाद पूनिया; पाली से गोपीदास रामावत व जयशंकर त्रिवेदी; तथा बीकानेर से जिलाध्यक्ष राजेश रंगा, अशोक उपाध्याय, तरविन्दर सिंह कपूर, किशन अनेजा, कृष्ण कुमार स्वामी, प्रभुदयाल गहलोत, डॉ. अभय सिंह टाक, रमेश बालेचा, लोकेश कुमार मोदी, नंदकिशोर कच्छावा, ओमदान चारण, केवलचंद भूरा, सौरभ अग्रवाल, सोमेश स्वामी, राकेश कुमार जोशी, विश्वजीत गौड़, मनोज बिहानी और नीलेश अनेजा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।


