नागणेची जी मंदिर की खराब लिफ्ट दुरुस्त करने और RTO में बार रूम की उठी मांग
नागणेची जी मंदिर की खराब लिफ्ट दुरुस्त करने और RTO में बार रूम की उठी मांग



- प्रभारी मंत्री खींवसर को सौंपे गए तीन महत्वपूर्ण ज्ञापन
बीकानेर, 11 जून। बीकानेर की जनहित से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार के लिए अधिवक्ता एवं बार एसोसिएशन के सदस्य हनुमान प्रसाद शर्मा ने राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं प्रभारी मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से मुलाकात कर उन्हें तीन महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे। इन ज्ञापनों के माध्यम से धार्मिक स्थलों की अव्यवस्था, अधिवक्ताओं के लिए बुनियादी सुविधाओं और परिवहन व्यवसायियों के सामने आ रही दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया गया।


श्री नागणेची जी माता मंदिर की लिफ्ट शीघ्र ठीक करने की मांग
प्रभारी मंत्री को सौंपे गए पहले ज्ञापन में बीकानेर के प्रसिद्ध ‘श्री नागणेची जी माता मंदिर’ में पिछले लगभग दो महीने से खराब पड़ी लिफ्ट को तुरंत ठीक करवाने की मांग की गई है।


श्रद्धालुओं को परेशानी: मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आने वाले दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, हृदय रोगियों और अस्वस्थ श्रद्धालुओं को लिफ्ट बंद होने के कारण माता के दर्शन करने में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
विभाग की उदासीनता: देवस्थान विभाग द्वारा बजट के अभाव का हवाला देकर इस मरम्मत कार्य को लंबित रखा गया है, जिससे स्थानीय जनता और श्रद्धालुओं में गहरा रोष है।
RTO परिसर में अधिवक्ताओं के लिए बार रूम हेतु भूमि आवंटन
द्वितीय ज्ञापन के माध्यम से आरटीओ (RTO) परिसर बीकानेर में कार्यरत अधिवक्ताओं के लिए एक स्थायी ‘बार रूम’ के निर्माण हेतु भूमि आवंटित करने की मांग उठाई गई।
बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं: परिवहन विभाग में मोटर वाहन अधिनियम और कराधान अधिनियम से जुड़े कानूनी मामलों में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन वर्तमान में उनके बैठने और कार्य करने के लिए कोई समुचित स्थान उपलब्ध नहीं है।
कार्य में आएगी पारदर्शिता: अन्य सरकारी विभागों की तर्ज पर आरटीओ परिसर में भी बार रूम उपलब्ध होने से न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।
परिवहन व्यवसायियों के जीपीएस और फिटनेस संबंधी मुद्दों पर राहत की अपील
तीसरे ज्ञापन में नेशनल परमिट वाहनों पर वीएलटीडी (जीपीएस) प्रणाली लागू करने की अनिवार्यता में शिथिलता देने तथा डंपर-टीपर वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की गंभीर समस्या को रेखांकित किया गया।
आर्थिक संकट: परिवहन विभाग द्वारा नेशनल परमिट के लिए वीएलटीडी (VLTD) उपकरण का प्रमाण पत्र अनिवार्य करने से हजारों वाहन मालिक परेशान हैं। बाजार में गुणवत्तापूर्ण उपकरणों की कमी के कारण परिवहन व्यवसायियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
चालान की मार: डंपर और टीपर वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण उनके लगातार चालान कट रहे हैं, जिससे पूरा व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में सरकार से वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर राहत देने का आग्रह किया गया है।
अधिवक्ता हनुमान प्रसाद शर्मा ने प्रभारी मंत्री खींवसर से निवेदन किया कि ये तीनों ही विषय सीधे तौर पर आमजन, श्रद्धालुओं, कानूनविदों और व्यवसायियों के हितों से जुड़े हैं, इसलिए इन पर शीघ्र से शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए।


