बीकानेर के सरकारी समाचार

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क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026
  • पंचायत राज आम चुनाव: जिला निर्वाचन अधिकारी ने ली रिटर्निंग अधिकारियों और प्रकोष्ठ प्रभारियों की बैठक

बीकानेर, 16 अक्टूबर। जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निशान्त जैन ने शुक्रवार को पंचायत राज आम चुनाव के पहले और दूसरे चरण के रिटर्निंग अधिकारियों एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रभारियों एवं सहप्रभारियों की बैठक ली।

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इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पहले चरण के लिए मतदान दलों की रवानगी 21 अक्टूबर और दूसरे चरण की रवानगी 27 अक्टूबर को होगी। इसके मद्देनजर प्रत्येक रिटर्निंग अधिकारी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर लें। उन्होंने कहा कि सभी प्रकोष्ठों के प्रभारी भी इससे जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दे दें। मतदान दलों की रवानगी से पूर्व अंतिम प्रशिक्षण, रवानगी स्थल पर बैठक सहित समस्त व्यवस्थाएं, चिह्नित स्थानों के लिए वीडियोग्राफर भेजने, वाहन व्यवस्था, ईवीएम एवं मतपत्र सुरक्षा, भोजन, सामग्री वितरण और कानून व्यवस्था संधारण सहित प्रत्येक बिंदु से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की गई।

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जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि कंट्रोल रूम को मुस्तैद रखें। यहां प्राप्त होने वाले प्रत्येक प्रकरण का त्वरित निस्तारण किया जाए। उन्होंने मतदान निर्देशिका को शनिवार तक अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। सांख्यिकी से जुड़े आंकड़ों की शुद्धता और सम्बद्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्मिक प्रो एक्टिव होकर काम करें।

बैठक में बीकानेर विकास प्राधिकरण आयुक्त श्रीमती स्नेहल धायगुड़े नाना, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती शैलजा पांडे, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री उम्मेद सिंह रतनू सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।

बिना अनुमति नहीं छोड़ सकेंगे मुख्यालय
पंचायत आम चुनाव-2026 के मद्देनजर जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निशान्त जैन ने आदेश जारी कर निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी विभागों के कार्मिकों को आगामी आदेशों तक मुख्यालय पर आवश्यक रूप से उपस्थित रहने तथा बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के लिए निर्देशित किया है।
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  • पंचायत राज आम चुनाव-2026
  • द्वितीय चरण की पंचायत समितियों के नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की अवधि सम्पन्न

बीकानेर, 16 अक्टूबर। पंचायत राज आम चुनाव-2026 के तहत द्वितीय चरण की पांच पंचायत समितियों के सदस्यों के लिए नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया शुक्रवार को सम्पन्न हुई। अंतिम दिन तक बज्जू खालसा में 76 अभ्यर्थियों ने 80, बीठनोक में 65 अभ्यर्थियों ने ने 68, बीकानेर में 122 अभ्यर्थियों ने 144, हदां में 64 अभ्यार्थियों ने 69 और कोलायत में 68 अभ्यर्थियों ने 69 नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किए।

शुक्रवार को बज्जू खालसा में 63 अभ्यर्थियों ने 67, बीठनोक में 57 अभ्यर्थियों ने 60, बीकानेर में 81 अभ्यर्थियों ने 96, हदां में 59 अभ्यर्थियों ने 64 तथा कोलायत में 62 अभ्यर्थियों ने 63 नामांकन पत्र प्रस्तुत किए।

गुरुवार तक बज्जू खालसा में 13 अभ्यर्थियों ने 13 नाम निर्देशन पत्र, बीठनोक में 5 अभ्यर्थियों ने 5 नाम निर्देशन पत्र, बीकानेर में 33 अभ्यर्थियों ने 39 नाम निर्देशन पत्र, हदां में 5 अभ्यर्थियों ने 5 नाम निर्देशन पत्र तथा कोलायत में 6 अभ्यर्थियों ने 6 नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किए गए। प्राप्त नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 17 अक्टूबर (शनिवार) को प्रातः 11 बजे से की जाएगी। नाम वापसी 19 अक्टूबर (सोमवार) को दोपहर 3 बजे तक होगी।

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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के साप्ताहिक कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय बालिका संवाद आयोजित

टाउनहॉल में किशोरियों ने महिला चैम्पियन्स और प्रशासनिक अधिकारियों से किया संवाद, शिक्षा, सुरक्षा, न्याय और करियर से जुड़े सवालों के मिले जवाब

बीकानेर, 16 अक्टूबर। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के साप्ताहिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत शुक्रवार को टाउनहॉल में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला अधिकारिता विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में किशोरियों एवं बालिकाओं का विभिन्न खेलों की महिला चैम्पियन्स और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को सशक्त बनाना, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना तथा उन्हें शिक्षा, सुरक्षा, न्याय और करियर के प्रति जागरूक करना रहा।

उपनिदेशक महिला अधिकारिता डॉ. अनुराधा सक्सेना ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस द्विपक्षीय संवाद का उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक अधिकारियों और महिला चैम्पियन्स से सीधे संवाद का अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि ‘सशक्त बालिका-सुरक्षित समाज’ के लक्ष्य को साकार किया जा सके। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति सदैव वंदनीय रही है। आज बालिकाएं शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के बल पर प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए देश और समाज को सशक्त बना रही हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। वीणा जोशी नृत्य एकेडमी की बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को आकर्षक शुरुआत दी।

सुरक्षा, न्याय और प्रशासन से जुड़े सवालों के मिले जवाब

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती मांडवी राजवी ने बालिकाओं द्वारा न्याय एवं सुरक्षा से संबंधित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्हें न्यायिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) रीना छींपा ने बालिकाओं को अपनी जिज्ञासाएं खुलकर व्यक्त करने और प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि बालिकाएं देश का भविष्य हैं। मजबूत नींव पर ही सशक्त समाज और देश का निर्माण संभव है।

साइबर सेल की उप पुलिस अधीक्षक शालिनी बजाज ने महिला सुरक्षा एवं साइबर अपराध से जुड़े सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बालिकाओं को सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की सलाह दी।

अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी शिव शंकर चौधरी ने शिक्षा विभाग से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देते हुए विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। वहीं, एशियन एथलेटिक्स से जुड़ी सुश्री बसंती कुमावत और सुश्री पाना देवी ने खेलों से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

करियर और शिक्षा की योजनाओं पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम के साथ किशोरियों एवं महिलाओं के लिए बालिका शिक्षा से संबंधित योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु कार्यशाला भी आयोजित की गई। इसमें शिक्षा के महत्व और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। विभिन्न महाविद्यालयों, कोचिंग सेंटरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आई छात्राओं ने करियर निर्माण और जीवन में सफलता प्राप्त करने से जुड़े सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रश्न पूछने वाली बालिकाओं टीना, अंशु, वंशिका, अनिमा, दीपिका भाटी, ललिता सारण और ज्योत्स्ना राजपुरोहित को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन श्री ज्योति प्रकाश रंगा ने किया। महिला अधिकारिता प्रचेता श्रीमती विजय लक्ष्मी जोशी ने सफल आयोजन के लिए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर महिला अधिकारिता विभाग के कार्मिकों के साथ श्री कार्तिक बोहरा, सखी वन स्टॉप सेंटर प्रथम एवं द्वितीय के केंद्र प्रबंधक और काउंसलर तथा पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र और महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र के कार्मिक उपस्थित रहे।
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नशा मुक्त भारत अभियान के तहत शनिवार को शैक्षणिक संस्थानों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम

बीकानेर, 16 अक्टूबर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिले के समस्त राजकीय एवं निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में 17 अक्टूबर को प्रातः 10:30 बजे से नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक श्री मनोज कुमार गहलोत ने बताया कि कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए ई-संकल्प के माध्यम से ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।
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पंचायती राज आम चुनाव में मतदान के दिन श्रमिकों को मिलेगा सवैतनिक अवकाश

नियमों की अवहेलना पर होगी कार्रवाई

बीकानेर,16 अक्टूबर। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान द्वारा प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव के मद्देनजर बीकानेर जिले के समस्त व्यापारिक, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, कारखानों, दुकानों, होटलों तथा अन्य संस्थानों के नियोजकों एवं प्रबंधकों को मतदान दिवस पर श्रमिकों एवं कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रम आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135(ख) तथा राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 22 के प्रावधानों के तहत निर्वाचन में मतदान के पात्र प्रत्येक कर्मचारी एवं श्रमिक को मतदान दिवस पर सवैतनिक अवकाश दिया जाना आवश्यक है। यह प्रावधान औद्योगिक एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ आकस्मिक श्रमिकों पर भी लागू होगा।
आदेशानुसार मतदान के दिन कर्मचारियों को अवकाश देने के कारण उनके वेतन या मजदूरी में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा सकेगी। यदि किसी कर्मचारी को सामान्यतः उस दिन कार्य करने के कारण मजदूरी प्राप्त होती, तो अवकाश दिए जाने की स्थिति में भी उसे नियमानुसार उस दिन की मजदूरी देय होगी।

नियमों का उल्लंघन करने पर 500 रुपए तक का जुर्माना

मतदान दिवस पर कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश प्रदान करने संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले नियोजकों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। संबंधित प्रावधान के तहत 500 रुपए तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।
जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निशांत जैन ने जिले के सभी संबंधित नियोजिकों एवं प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वह निर्वाचन संबंधी निर्देशों की पालना सुनिश्चित करें तथा सभी पात्र कर्मचारियों को मतदान के दिन अवकाश प्रदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी स्वतंत्रता एवं निष्पक्ष भागीदारी सुनिश्चित करें। यदि कोई नियोजक मतदान दिवस पर कर्मचारी को मतदान के अधिकार का उपयोग करने के लिए अवकाश प्रदान नहीं करता है, तो संबंधित रिटर्निंग अधिकारी अथवा जिला निर्वाचन अधिकारी को तथ्यात्मक जानकारी देकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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पंचायती राज आम चुनाव-2026: मतदान दिवस पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में रहेगा सार्वजनिक अवकाश

प्रथम से चतुर्थ चरण तक मतदान की तिथियों पर लागू होगा आदेश

बीकानेर, 15 अक्टूबर। पंचायती राज आम चुनाव-2026 के तहत जिले में विभिन्न चरणों में होने वाले मतदान के दौरान संबंधित पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी श्री निशान्त जैन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रथम चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए 22 अक्टूबर (गुरुवार) तथा सरपंच एवं पंच पदों के लिए 24 अक्टूबर (शनिवार) को मतदान होने पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इसी प्रकार, द्वितीय चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए 28 अक्टूबर (बुधवार) तथा सरपंच एवं पंच पदों के लिए 30 अक्टूबर (शुक्रवार) को मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

तृतीय चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए 3 नवंबर (मंगलवार) तथा सरपंच एवं पंच पदों के लिए 5 नवंबर (गुरुवार) को मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश रहेगा। वहीं, चतुर्थ चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए 14 नवंबर (शनिवार) तथा सरपंच एवं पंच पदों के लिए 16 नवंबर (सोमवार) को मतदान के दिन संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उक्त आदेश सामान्य प्रशासन (ग्रुप-2) विभाग द्वारा प्रदत्त शक्तियों के तहत जारी किए गए हैं। उक्त आदेश जिले की संबंधित पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन क्षेत्र के अलावा अन्य स्थानों पर लागू नहीं होगा।

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एनआरसीसी एवं कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के बीच एमओयू, उष्ट्र संरक्षण और दुग्ध उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

ऊँटनी का दूध ‘चलती-फिरती फार्मेसी’, इसके मूल्य संवर्धन और विपणन से पशुपालकों के लिए खुलेंगे नए अवसर : डॉ. अनिल कुमार पूनिया, निदेशक, एनआरसीसी

बीकानेर, 16 अक्टूबर।भाकृअनुप–राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी), बीकानेर एवं कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के मध्य उष्ट्र संरक्षण, स्वास्थ्य प्रबंधन, नस्ल सुधार तथा ऊँटनी के दूध के मूल्य संवर्धन और दुग्ध उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर में आयोजित कार्यक्रम में एनआरसीसी के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया एवं विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह जैतावत ने एमओयू दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर भाकृअनुप–केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी), जोधपुर के निदेशक डॉ. एच.एस. जाट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

ऊँटनी के दूध के मूल्य संवर्धन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
एनआरसीसी के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने एमओयू को उष्ट्र संरक्षण और पशुपालकों की आजीविका सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऊँटनी को ‘चलती-फिरती फार्मेसी’ कहा जाए, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। एनआरसीसी पिछले दो दशकों से ऊँटनी के दूध के औषधीय महत्त्व के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि अब आवश्यकता है कि अमृततुल्य ऊँटनी के दूध और इससे निर्मित मूल्य संवर्धित उत्पादों का लाभ आमजन तक पहुंचे। इसके लिए ऊँटों के संरक्षण के साथ दूध एवं दुग्ध उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, व्यवसायीकरण और विपणन को बढ़ावा देना होगा। पशुपालकों को उद्यमिता से जोड़कर उनके लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों संस्थानों का संयुक्त प्रयास शुष्क क्षेत्र में पशुपालन आधारित आजीविका को नई मजबूती प्रदान करेगा।

घटती ऊँट संख्या पर चिंता, वैज्ञानिक संरक्षण पर जोर
कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलगुरु प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह जैतावत ने राज्य पशु ऊँट की लगातार घटती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक एमओयू का प्रमुख उद्देश्य ऊँटों की संख्या में गिरावट को रोकने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य प्रबंधन, उन्नत नस्ल सुधार और संरक्षण के लिए ठोस वैज्ञानिक प्रयास करना है।

उन्होंने कहा कि रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र में कृषि और पशुधन का गहरा संबंध है। ऐसे में दोनों संस्थानों की यह साझेदारी विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पशुपालकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी तथा पश्चिमी राजस्थान में कृषि एवं पशुपालन आधारित अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगी।

‘ऊँट बचाओ अभियान’ को मजबूत करने का आह्वान
काजरी, जोधपुर के निदेशक डॉ. एच.एस. जाट ने कहा कि उष्ट्र संरक्षण के प्रयासों के साथ ‘ऊँट बचाओ अभियान’ को भी मजबूती देने की आवश्यकता है। उन्होंने इस दिशा में संबंधित संस्थानों, वैज्ञानिकों और पशुपालकों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग से मिलेगा गति को बल
कार्यक्रम में एनआरसीसी की पीएमई सेल के प्रभारी डॉ. राकेश रंजन ने केंद्र की अनुसंधान गतिविधियों, आधुनिक तकनीकों और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह एमओयू पश्चिमी राजस्थान में राज्य पशु ऊँट के संरक्षण एवं संवर्धन और कृषि-पशुपालन आधारित अनुसंधान को गति देने के उद्देश्य से किया गया है।

बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बीओएम) की सदस्य श्रीमती भावना शर्मा ने इस साझेदारी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुधन विकास की दिशा में सराहनीय कदम बताया।अंत में केकेवीके की नोडल अधिकारी डॉ. प्रियंका स्वामी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में श्री मेवाराम बालन, वित्त नियंत्रक एवं लिंक ऑफिसर (कुलसचिव), विश्वविद्यालय के सभी डीन एवं डायरेक्टर, डॉ. प्रदीप पगारिया, वरिष्ठ वैज्ञानिक तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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