बीकानेर माहेश्वरी समाज मनाएगा भव्य फागोत्सव
बीकानेर माहेश्वरी समाज मनाएगा भव्य फागोत्सव


- ‘फूलों की होली’ से महकेगा डागा चौक, लक्ष्मी हेरिटेज में सजेगी सांस्कृतिक संध्या
बीकानेर, 24 फरवरी। बीकानेर में फागुन की रंगत अब परवान चढ़ने लगी है। शहर के माहेश्वरी समाज द्वारा इस वर्ष होली के पावन पर्व को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए दो बड़े आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई है। श्री कृष्ण माहेश्वरी मंडल और श्री माहेश्वरी नवयुवक मंडल के तत्वाधान में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में जहां एक ओर परंपराओं का निर्वहन होगा, वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां समाज में उल्लास का संचार करेंगी।


1 मार्च: डागा चौक में उड़ेगी फूलों की पंखुड़ियाँ
श्री कृष्ण माहेश्वरी मंडल की ओर से आगामी 1 मार्च 2026, रविवार को डागा चौक स्थित महेश सदन में ‘एक दिवसीय फूलों की होली’ का आयोजन किया जाएगा।


समय और आकर्षण: कार्यक्रम शाम 6:00 बजे शुरू होगा। मुख्य आकर्षण फूलों की होली और माहेश्वरी महिला समिति द्वारा प्रस्तुत सचेतन झांकियां एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
भक्ति और संगीत: मंडल अध्यक्ष सत्यनारायण राठी और उप मंत्री पवन कुमार राठी ने बताया कि गायक कलाकार नारायण बिहानी व भतमाल पेड़ीवाल फाग गीतों की प्रस्तुति देंगे, जबकि राजेंद्र लखोटिया अपनी बांसुरी की मधुर तान से समां बांधेंगे। कार्यक्रम की सफलता के लिए सुशील करनानी और नारायण डागा सहित पूरी कार्यकारिणी को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
28 फरवरी: ‘लक्ष्मी हेरिटेज’ में सांस्कृतिक संध्या और प्रीतिभोज
इससे पूर्व, श्री माहेश्वरी नवयुवक मण्डल द्वारा 28 फरवरी 2026, शनिवार को एक भव्य सांस्कृतिक संध्या एवं प्रीतिभोज का आयोजन किया जा रहा है।
स्थान और समय: यह आयोजन लक्ष्मी हेरिटेज में सायं 7:30 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक चलेगा।
विशेष प्रस्तुति: मंडल पदाधिकारियों के अनुसार, ‘श्रीसखी ग्रुप’ द्वारा भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी। यह कार्यक्रम पूर्णतः पारिवारिक और सामाजिक सौहार्द को समर्पित है, जिसमें समस्त समाज बंधुओं को सपरिवार आमंत्रित किया गया है।
सामाजिक एकजुटता का संदेश
दोनों ही मंडलों ने समाज के बंधुओं से अपील की है कि वे इन आयोजनों में शामिल होकर आपसी भाईचारे और सामूहिक उल्लास के साथ होली का आनंद लें। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और उत्सवों के पारंपरिक स्वरूप से जोड़ना है।
