बीकानेर के विख्यात शिक्षाविद व समाज सेवी ‘जफर हेडमास्टर’ का निधन 93 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस
बीकानेर के विख्यात शिक्षाविद व समाज सेवी 'जफर हेडमास्टर' का निधन 93 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

बीकानेर, 03 अक्टूबर । शहर की जानी-मानी शख्सियत, प्रख्यात शिक्षाविद एवं ‘बज़्म-ए-अदब’ संस्था के संस्थापक सदस्यों में से एक हाजी मोहम्मद ज़फ़र भाटी (‘ज़फ़र हेडमास्टर’) का शुक्रवार, 2 अक्टूबर को 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। शनिवार को उनके निवास स्थान तिलक नगर से जनाज़ा निकाला गया, जिसे पूगल रोड स्थित बड़े क़ब्रिस्तान में सैकड़ों नम आंखों के बीच सुपुर्द-ए-खाक़ किया गया। उनके जनाज़े में शिक्षाविद, राजनीतिक, सामाजिक क्षेत्र के गणमान्य जन, उनके पूर्व विद्यार्थी तथा शहरवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए।


पाबू पाठशाला से शुरू हुआ ऐतिहासिक शैक्षणिक सफर


16 सितंबर 1931 को हनुमानगढ़ में सिपाही समाज के शिक्षित परिवार में जन्मे ज़फ़र साहब के पिता हसन खां भाटी पेशकार थे। ज़फ़र साहब ने अपने करियर की शुरुआत प्राथमिक विद्यालय ‘पाबू पाठशाला’ में शिक्षक के रूप में की थी। उनकी दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता के चलते पाबू पाठशाला उस दौर में बीकानेर के नामी सीनियर स्कूलों की बराबरी करती थी। वे नोखा पंचायत समिति में विकास अधिकारी (BDO) के पद पर भी रहे और अंततः प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त हुए।
‘सीखो और कमाओ योजना’ के जनक
बुनियादी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की सोच के साथ ज़फ़र साहब ने पाबू पाठशाला में “सीखो और कमाओ योजना” शुरू की थी। इस योजना के जरिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल एवं स्वरोजगार की दिशा में प्रशिक्षित किया जाता था। उनकी यह पहल इतनी प्रासंगिक रही कि वर्तमान केंद्र सरकार ने इसे ‘नई शिक्षा नीति’ (NEP) में भी समाहित किया है।
‘बज़्म-ए-अदब’ के निर्माण में निभाई केंद्रीय भूमिका
सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने बीकानेर के जयनारायण व्यास (JNV) कॉलोनी में स्थानीय लोगों को साथ लेकर सामाजिक व शैक्षणिक संस्था ‘बज़्म-ए-अदब’ का गठन किया। उनके अथक प्रयासों से संस्था को भूमि आवंटित हुई, जहाँ आज सुव्यवस्थित छात्रावास, व्यावसायिक केंद्र व समाज सेवा के विविध कार्य संचालित हो रहे हैं। यह संस्थान आज मुस्लिम समाज को एक सूत्र में बांधने का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
सामाजिक व बौद्धिक चेतना के प्रतीक
अपने पीछे विशाल एवं सुशिक्षित परिवार छोड़ गए ज़फ़र साहब के भाई कॉमरेड एडवोकेट मोहम्मद मुश्ताक भाटी और पुत्र कॉमरेड मोहम्मद अज़ीज़ भाटी तथा पौत्र सफदर भाटी, आजाद भाटी व फिरोज भाटी सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके निधन पर बीकानेर के राजनीतिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक हलकों में गहरा शोक व्यक्त किया गया है।
