मातृभूमि की रक्षा में बीकानेर का लाल नरेन्‍द्र डूडी शहीद

मातृभूमि की रक्षा में बीकानेर का लाल नरेन्‍द्र डूडी शहीद
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026
  • सांसद बेनीवाल ने की राजकीय सम्मान और त्वरित सहायता की मांग

बीकानेर/नोखा , 11 अप्रैल। राजस्थान की वीर प्रसूता धरा ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपना एक और जांबाज सपूत खो दिया है। बीकानेर जिले के नोखा विधानसभा क्षेत्र के साधूना गांव निवासी सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान नरेन्‍द्र डूडी बांग्लादेश सीमा पर ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए। शनिवार को जैसे ही शहीद की पार्थिव देह जयपुर पहुंची, समूचे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।

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शहीद नरेन्‍द्र डूडी बीएसएफ में बतौर कांस्टेबल तैनात थे और पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। शनिवार सुबह उनकी पार्थिव देह इंडिगो की फ्लाइट से कोलकाता से जयपुर एयरपोर्ट लाई गई। एयरपोर्ट पर बीएसएफ के उच्च अधिकारियों और जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद को अंतिम विदाई दी, जिसके बाद सम्मान के साथ एंबुलेंस के जरिए देह को उनके पैतृक गांव साधूना के लिए रवाना किया गया।

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सांसद हनुमान बेनीवाल ने जताई संवेदना, उठाई मांग

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल ने जवान की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। बेनीवाल ने बीकानेर जिला कलेक्टर और बीएसएफ के अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाया। सांसद ने मांग की है कि शहीद नरेन्‍द्र डूडी का अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय सम्मान (Guard of Honour) के साथ सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय और बीएसएफ इंडिया को सोशल मीडिया के माध्यम से टैग करते हुए अनुरोध किया कि शहीद के आश्रितों को मिलने वाली समस्त सहायता राशि और परिलाभ अविलंब प्रदान किए जाएं। बेनीवाल ने आरएलपी कार्यकर्ताओं को भी पीड़ित परिवार की हर संभव मदद के लिए पहुंचने के निर्देश दिए हैं।

साधूना गांव में गमगीन माहौल, राजकीय सम्मान से होगी अंत्येष्टि

शहादत की खबर मिलने के बाद से ही साधूना गांव और नोखा क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में अपने वीर सपूत की शहादत को लेकर गर्व का भाव भी है। जानकारी के अनुसार, शहीद का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में रविवार सुबह पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। शहीद की अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।

 

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