भाजपा की करारी हार व प्रशांत किशोर की राजनीतिक पारी की शुरुआत
प्रशांत किशोर


- बांकीपुर उपचुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत, हलफनामे से खुली संपत्ति की परतें
पटना, 03 अगस्त । जाने-माने चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपनी पहली ही चुनावी परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 मतों के बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की है। इसके साथ ही बिहार की राजनीति और विधानसभा में उनकी औपचारिक एंट्री हो चुकी है। इस शानदार जीत के साथ ही प्रशांत किशोर की वित्तीय स्थिति, कुल संपत्ति, पारिवारिक पृष्ठभूमि और कानूनी रिकॉर्ड को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।


111 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के मालिक


चुनावी हलफनामे के अनुसार, 49 वर्षीय प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी की संयुक्त चल-अचल संपत्ति 111 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
अचल संपत्ति: रोहतास (बिहार) में स्थित राइस मिल की भूमि के अलावा दिल्ली, गुवाहाटी और पटना जैसे प्रमुख शहरों में उनकी कई कीमती आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं।
वित्तीय पोर्टफोलियो: उनकी निजी कंपनी वेधा वेंचर प्राइवेट लिमिटेड में शत-प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न प्रमुख वित्तीय संस्थानों और शेयर बाजार में उनका मजबूत निवेश पोर्टफोलियो है।
राजनीतिक दान और व्यावसायिक पृष्ठभूमि
प्रशांत किशोर ने हलफनामे में यह भी स्पष्ट किया है कि विगत वित्तीय वर्षों के दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों तथा विभिन्न सामाजिक-कल्याणकारी संगठनों को करोड़ों रुपये का बड़ा दान दिया है। लंबे समय तक देश के शीर्ष राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए एक सफल ‘पॉलीटिकल कंसलटेंट’ (राजनीतिक सलाहकार) के रूप में कार्य करने के बाद अब वे स्वयं पूर्णकालिक राजनीतिज्ञ की भूमिका में हैं।
पारिवारिक एवं शैक्षणिक पृष्ठभूमि
शैक्षणिक योग्यता: प्रशांत किशोर ने हैदराबाद स्थित प्रतिष्ठित ‘एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया’ से मास्टर ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की है।
पारिवारिक स्थिति: उनकी पत्नी नई दिल्ली के एक नामी व प्रतिष्ठित अस्पताल में वरिष्ठ पद (डॉक्टर/मेडिकल प्रोफेशनल) पर कार्यरत हैं।
मुकदमों और कानूनी स्थिति पर रुख
सार्वजनिक जीवन, जन सुराज पदयात्रा और राजनीतिक अभियानों के दौरान प्रशांत किशोर पर कुछ आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। हालांकि, चुनावी हलफनामे के अनुसार:
- वे किसी भी मामले में दोषी (Convict) नहीं ठहराए गए हैं।
- न्यायालय द्वारा किसी भी मामले में अभी तक उनके खिलाफ आरोप (Charges) तय नहीं हुए हैं।
- सभी मामले न्यायालय में सामान्य प्रक्रिया के तहत विचाराधीन हैं।


