बीके कमल ने मेडिकल विद्यार्थियों को दिया ‘मन को मास्टर करने’ का मंत्र
बीके कमल ने मेडिकल विद्यार्थियों को दिया ‘मन को मास्टर करने’ का मंत्र



- तनाव प्रबंधन के बताए व्यावहारिक सूत्र, एसपी मेडिकल कॉलेज में आयोजित हुआ विशेष प्रेरक सत्र
बीकानेर, 30 सितम्बर । सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बीकानेर में नवप्रवेशित एमबीबीएस विद्यार्थियों के लिए तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक विशेष प्रेरक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित आध्यात्मिक प्रेरक वक्ता एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षक बीके कमल आकर्षण का केंद्र रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए मेडिकल की चुनौतीपूर्ण पढ़ाई के दौरान मन को शांत, एकाग्र और सकारात्मक रखने के व्यावहारिक सूत्र साझा किए।


परिस्थितियों से पहले अपने मन को संभालना सीखें


सत्र को संबोधित करते हुए बीके कमल ने कहा कि मेडिकल शिक्षा में पाठ्यक्रम का अत्यधिक दबाव, परीक्षाओं की चिंता, प्रतिस्पर्धा और स्वयं से अधिक अपेक्षाएं कई बार मानसिक तनाव का कारण बन जाती हैं। ऐसे समय में परिस्थितियों से घबराने के बजाय अपने मन और विचारों को संभालने की कला सीखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जीवन की हर परिस्थिति हमारे नियंत्रण में नहीं होती, लेकिन उस पर हमारी प्रतिक्रिया और देखने का नजरिया हमारे हाथ में होता है। उन्होंने ध्यान, आत्मचिंतन, भावनात्मक संतुलन और अनुशासित दिनचर्या को तनाव प्रबंधन का प्रभावी माध्यम बताया और विद्यार्थियों को दूसरों से तुलना करने के बजाय खुद को बेहतर बनाने की सलाह दी।
स्वस्थ व प्रसन्न रहकर ही बन सकते हैं बेहतर चिकित्सक – डॉ. सुरेंद्र कुमार
एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि एमबीबीएस में प्रवेश एक बड़ी उपलब्धि के साथ-साथ एक जिम्मेदारीपूर्ण यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पढ़ाई के दबाव को खुद पर हावी न होने दें, पर्याप्त नींद लें और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर अपने मेंटर्स, शिक्षकों व परिजनों से खुलकर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी स्वयं मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ और प्रसन्न रहेंगे, तभी भविष्य में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे पाएंगे।
कार्यक्रम में डॉ. गौरव शर्मा एवं डॉ. रेखा आचार्य की भी सक्रिय सहभागिता रही। सत्र के दौरान बीके कमल ने विद्यार्थियों को तनाव से निपटने और एकाग्रता बढ़ाने से जुड़े व्यावहारिक अभ्यास भी करवाए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशित चिकित्सकों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और आत्मविश्वास विकसित करना रहा।
