ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आलौकिक रक्षा बंधन उत्सव, 500 से अधिक लोगों ने लिया शुभ संकल्प

ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आलौकिक रक्षा बंधन उत्सव
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बीकानेर, 9 अगस्त। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र सार्दुल गंज (बीकानेर) ने आज सार्दुल गंज स्थित अपने मैदान और केंद्र में एक भव्य ‘आलौकिक रक्षा बंधन उत्सव’ का आयोजन किया। इस उत्सव में सामूहिक राजयोग ध्यान और रक्षा बंधन का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।
वयोवृद्ध बी.के. हंसमुख भाई ने बताया कि इस उत्सव में 500 से अधिक स्नेही, सहयोगी और अति विशिष्ट आत्माओं को रक्षा सूत्र बांधा गया। इनमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी, सेना के जवान, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न विभागों के अधिकारी, चिकित्सक, उद्योगपति, व्यवसायी और केंद्र के नियमित भाई-बहन शामिल थे।
विशिष्ट अतिथियों को बाँधी गई राखी
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र की प्रभारी बी.के. कमल ने बताया कि ‘आलौकिक रक्षा बंधन उत्सव’ के तहत संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, पुलिस महानिरीक्षक हेमंत शर्मा, पूर्व महापौर सुशीला राजपुरोहित, उप-कुलपति मनोज दीक्षित आदि को रक्षा सूत्र बांधा गया। संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा को विशेष रूप से सवा फीट की मोरपंख की राखी भेंट की गई।

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उत्सव में शामिल सभी भाई-बहनों के ललाट पर बी.के. राधा, बी.के. मीना, बी.के. रजनी और केंद्र में आने वाली अन्य बहनों ने कुमकुम का तिलक किया। उन्हें शिव बाबा के बिंदु आकार से निर्मित रक्षा सूत्र बांधा गया और शुभ संकल्प दिलवाया गया।

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रक्षा बंधन का आध्यात्मिक महत्व
बी.के. कमल ने रक्षा बंधन के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करते हुए कहा कि हमें अपनी वृत्ति, दृष्टि और कृति को पूर्णतः पावन बनाकर विश्व परिवर्तन के कार्य में सहयोगी बनना चाहिए। उन्होंने निर्विकल्प, निर्दोष और निर्मल रहने तथा कार्य व व्यवहार में पवित्रता बनाए रखने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि शिव भोलेनाथ बाबा ने अपने आध्यात्मिक स्नेह के बंधन में बांधकर संपूर्ण मानवों को पावन बनने और बनाने की दिव्य शक्तियां प्रदान की हैं। हमें सर्व गुणों, सर्व कलाओं और सर्व शक्तियों से संपन्न बनकर अपने चाल-चलन और चेहरे से विश्व में परम पिता परमेश्वर को प्रत्यक्ष करना है। यह आयोजन आध्यात्मिक जागृति और सामाजिक सद्भाव का एक अनूठा संगम रहा।

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