अजित फाउण्डेशन के बाल मेले में बच्चों ने बिखेरे प्रतिभा के रंग
अजित फाउण्डेशन के बाल मेले में बच्चों ने बिखेरे प्रतिभा के रंग


- कविताओं और रचनात्मकता से सजी महफिल
बीकानेर,11 मई। बीकानेर में बच्चों की रचनात्मकता और मानसिक विकास को समर्पित एक विशेष ‘बाल मेले’ का आयोजन अजित फाउण्डेशन द्वारा किया गया। इस मेले में ‘अभिव्यक्ति, पुस्तक, पेंटिंग और खेल’ के अनूठे संगम ने बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक खुला मंच प्रदान किया।


ओपन माइक: ‘बिना रोक-टोक’ मन की बात
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता ‘ओपन माइक’ सत्र रहा, जहाँ बच्चों ने बिना किसी झिझक के मंच पर आकर अपनी अभिव्यक्ति दी। नन्हे कलाकारों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत कविताएं, बाल गीत और प्रेरक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। संस्था समन्वयक संजय श्रीमाली ने बताया कि बच्चों को मंच पर अपनी बात खुलकर कहने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।


पुस्तकों से दोस्ती और पक्षियों की चहचहाहट
मेले में बच्चों के लिए बाल साहित्य की सैकड़ों पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं, जिन्हें बच्चों ने अपनी रुचि के अनुसार पढ़ा। मनोरंजन के सत्र में राष्ट्रीय स्तर के कलाकार ठाकुर दास स्वामी ने अपने मुंह से विभिन्न पशु-पक्षियों की आवाजें निकालकर बच्चों को अचंभित कर दिया। उनके प्रेरक गीतों और मजेदार प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को ठहाकों से भर दिया।
कैनवास पर उतरे बच्चों के सपने
‘पेंटिंग बनाओ’ सत्र के दौरान बच्चों ने प्रकृति चित्रण और अपने सपनों के संसार को रंगों के जरिए कैनवास पर उतारा। बच्चों ने खान-पान की चीजों से लेकर पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता को रेखांकित किया।
तार्किक विकास के लिए विशेष खेल
कार्यक्रम के समापन पर सभी 80 प्रतिभागियों को खिलौने और पजल्स भेंट किए गए। ये साधारण खिलौने नहीं थे, बल्कि बच्चों की तार्किक बुद्धिमत्ता और मानसिक चेतना को विकसित करने वाले ‘एजुकेशनल पजल्स’ थे। बच्चों के समूह बनाकर उन्हें ये खेल खिलाए गए ताकि उनकी सोचने की क्षमता का विकास हो सके।
सहयोग और उपस्थिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में दीक्षा व्यास, उषा बिस्सा, महावीर स्वामी, अभय, सुनीता श्रीमाली, गौरीशंकर शर्मा, लोकेश और संजय झुंझ का सक्रिय सहयोग रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में अभिभावक भी मौजूद रहे, जिन्होंने संस्था की इस पहल की सराहना की।


