देवेंद्र डागा बने तेयुप गंगाशहर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष
देवेंद्र डागा बने तेयुप गंगाशहर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष


गंगाशहर, 17 मई। तेरापंथ युवक परिषद (तेयुप), गंगाशहर के वर्ष 2026-27 के अध्यक्ष पद हेतु निर्वाचन प्रक्रिया रविवार को निर्विरोध संपन्न हुई। संगठन की एकजुटता और सर्वसम्मति की गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए देवेंद्र डागा को परिषद का नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोनीत किया गया।


निर्विरोध चुनाव
मुख्य चुनाव अधिकारी अमरचंद सोनी ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नामांकन प्राप्त हुआ, जो परिषद के भीतर आपसी सौहार्द और विश्वास का प्रतीक है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष देवेंद्र डागा का निवर्तमान अध्यक्ष ललित राखेचा ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर अभातेयुप साथी पीयूष लूनिया ने संगठन की गौरवमयी पताका पहनाकर शुभकामनाएं दीं।


सेवा और संकल्प का संगम: संतों का लिया आशीर्वाद
अध्यक्ष पद का दायित्व ग्रहण करने के पश्चात देवेंद्र डागा और उनकी टीम ने बोथरा भवन पहुंचकर मुनि श्री अमृत कुमार जी एवं अन्य मुनिवृंद के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। शाम को टीम ने सेवाकेंद्र में साध्वी श्री त्रिशला कुमारी जी आदि ठाणा के दर्शन किए और आगामी कार्यकाल की सफलता हेतु मंगल पाथेय प्राप्त किया। नवनियुक्त अध्यक्ष देवेंद्र डागा ने विश्वास दिलाया कि वे सभी के सहयोग से परिषद को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
वार्षिक आमसभा: उपलब्धियों और सेवा का लेखा-जोखा
इससे पूर्व आयोजित वार्षिक आमसभा में निवर्तमान टीम ने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश किया।
प्रतिवेदन: मंत्री मांगीलाल बोथरा ने वर्षभर आयोजित हुए रचनात्मक और सामाजिक कार्यों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
वित्तीय लेखा: कोषाध्यक्ष उमेश सोनी ने पारदर्शी तरीके से आय-व्यय का विवरण समाज के सम्मुख रखा।
आभार: निवर्तमान अध्यक्ष ललित राखेचा ने अपने कार्यकाल के दौरान मिले वरिष्ठजनों और कार्यकर्ताओं के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यकर्ताओं का सम्मान और गरिमामयी उपस्थिति
सभा के दौरान परिषद से सेवामुक्त हुए कर्मठ कार्यकर्ताओं को सम्मान पत्र भेंट कर उनकी सेवाओं की सराहना की गई। साथ ही, पूरी कार्यकारिणी को उनके योगदान के लिए अभिनंदन पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर वरिष्ठ श्रावक अमरचंद सोनी, त्रिलोकचंद बाफना, मनोहरलाल नाहटा और चंद्रकुमार राखेचा की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं अंत में आभार ज्ञापन मंत्री मांगीलाल बोथरा द्वारा किया गया।


