बीकानेर के अधिवक्ताओं के लिए पृथक कॉलोनी विकसित करने की मांग; मंत्री झाबर सिंह खर्रा को सौंपा ज्ञापन
बीकानेर के अधिवक्ताओं के लिए पृथक कॉलोनी विकसित करने की मांग; मंत्री झाबर सिंह खर्रा को सौंपा ज्ञापन


- राज्य सरकार की 2013 की आवास नीति के तहत रियायती दरों पर भूखंड आवंटन का आग्रह
- बीकानेर के 4 हजार से अधिक अधिवक्ता लंबे समय से आवासीय सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे
बीकानेर, 3 जून। बीकानेर के अधिवक्ताओं के लिए एक समर्पित आवासीय कॉलोनी विकसित करने की पुरानी मांग को लेकर बार एसोसिएशन ने सरकार के समक्ष प्रभावी पैरवी की है। बार एसोसिएशन, बीकानेर के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार की आवास नीति (दिनांक 02 जुलाई 2013) के अंतर्गत अधिवक्ताओं के लिए पृथक ‘एडवोकेट कॉलोनी’ विकसित करने और रियायती दरों पर भूखंड आवंटन की मांग को लेकर नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा को ज्ञापन सौंपा।


नीतिगत प्रावधान के बावजूद आवंटन में देरी
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित ने मंत्री को बताया कि राज्य सरकार की मौजूदा आवास नीति में अधिवक्ताओं के लिए विशेष आवासीय योजना का स्पष्ट प्रावधान है। इसके बावजूद, बीकानेर में अब तक किसी विशेष एडवोकेट कॉलोनी की स्थापना नहीं हो सकी है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन द्वारा उपयुक्त भूमि को चिन्हित कर शीघ्र ही कॉलोनी विकसित करने की प्रक्रिया और भूखंड आवंटन का कार्य प्रारंभ किया जाए।


4 हजार अधिवक्ताओं की आवासीय समस्या
ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया कि बीकानेर जिले में 4 हजार से अधिक अधिवक्ता लंबे समय से उचित आवासीय सुविधाओं के अभाव का सामना कर रहे हैं। वकीलों के लिए एक सुरक्षित और समर्पित कॉलोनी होने से न केवल उन्हें आवास की सुविधा मिलेगी, बल्कि उनके कार्य निष्पादन में भी सुगमता आएगी।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं की उपस्थिति
मंत्री झाबर सिंह खर्रा को ज्ञापन सौंपने के दौरान बार एसोसिएशन, बीकानेर के सभापति एवं पूर्व विधायक आर.के. दास गुप्ता, सचिव हेमंतसिंह चौहान, और उपाध्यक्ष मनीष गौड़ प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्रपाल शर्मा, भंवरलाल विश्नोई, भागीरथ मान, रामनिवास विश्नोई, प्रशांत तंवर, मनीष साँखला, ताराचंद उपाध्याय और देवरंजन शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस मांग का समर्थन किया।


