संस्कार और ज्ञान की परीक्षा; तेरापंथ भवन में 23 ज्ञानार्थियों ने दी वार्षिक परीक्षा


कोयम्बतूर, 15 जनवरी । जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के तत्वावधान में संचालित ज्ञानशाला प्रकोष्ठ की अखिल भारतीय वार्षिक परीक्षा का आयोजन स्थानीय तेरापंथ सभा भवन में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक ‘नमस्कार महामंत्र’ के उच्चारण के साथ हुई, जिसके बाद नन्हें ज्ञानार्थियों ने संस्कार और जैन विद्या से जुड़े अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया।


परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के मंत्री अजय बुच्चा, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती रूप कला भंडारी, ज्ञानशाला प्रभारी श्रीमती कनक बुच्चा और मुख्य प्रशिक्षिका श्रीमती दीपिका बोथरा ने महासभा से प्राप्त प्रश्न-पत्रों के सीलबंद लिफाफों पर हस्ताक्षर किए। इसके पश्चात सभा मंत्री द्वारा लिफाफा खोलकर प्रश्न-पत्रों का वितरण किया गया।


स्थानीय ज्ञानशाला संयोजिका श्रीमती कनक बुच्चा ने जानकारी दी कि इस वार्षिक परीक्षा में कुल 23 स्थानीय ज्ञानार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जबकि तीन अन्य ज्ञानार्थियों ने बाहरी क्षेत्रों से इस परीक्षा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। महिला मंडल अध्यक्ष रूप कला भंडारी ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ज्ञान की यह परीक्षा बिना किसी भय के और विवेकपूर्ण ढंग से दी जानी चाहिए, क्योंकि ये संस्कार ही भविष्य के जीवन की नींव हैं।
मुख्य प्रशिक्षिका श्रीमती दीपिका बोथरा के कुशल नेतृत्व में परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हुई। इस आयोजन को सफल बनाने में पूर्व ज्ञानशाला प्रभारी श्रीमती स्नेह लता नाहटा, श्रीमती संगीता गुनेचा, सभी प्रशिक्षिकाओं और जैन विद्या के ज्ञानार्थियों का सराहनीय सहयोग रहा। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और आध्यात्मिक गौरव का भाव स्पष्ट झलक रहा था।








