जेल भेजे गए पूर्व विधायक ने कहा कि ‘मुझे विलेन बनाने के लिए फंसाया गया’
जेल भेजे गए पूर्व विधायक ने कहा कि 'मुझे विलेन बनाने के लिए फंसाया गया'


9 फरवरी को ईडी देगी जवाब


जयपुर, 7 फ़रवरी। राजस्थान की राजनीति और कानूनी गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद जयपुर की विशेष अदालत में पेश किया। PMLA मामलों की विशेष अदालत ने लंबी बहस के बाद पूर्व विधायक को न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने के आदेश जारी किए। गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर अब ईडी 9 फरवरी को अपना पक्ष रखेगी, जबकि मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को तय की गई है।


अदालती कार्यवाही के दौरान बलजीत यादव ने खुद का पक्ष रखते हुए भावुक अंदाज में कहा, “मुझे केवल विलेन बनाने और बखेड़ा खड़ा करने के लिए मेरे विधानसभा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। मैंने ईडी के हर समन का सम्मान किया और जवाब दिया, इसके बावजूद मुझे अवैध तरीके से पकड़ा गया। मेरे निजी खातों में कोई पैसा नहीं आया है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में एक विधायक की कोई सीधी भूमिका नहीं होती है।
केस डायरी पर नाराजगी और नारेबाजी का मुद्दा
सुनवाई के दौरान उस समय असहज स्थिति उत्पन्न हो गई जब अदालत ने केस डायरी तलब की, लेकिन ईडी की ओर से वह मौके पर उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। न्यायाधीश खगेन्द्र कुमार शर्मा ने नाराजगी जताते हुए तुरंत डायरी मंगवाने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त, पिछली सुनवाई में कोर्ट परिसर में समर्थकों द्वारा की गई नारेबाजी पर भी अदालत ने कड़ा रुख अपनाया। इस पर बलजीत यादव ने हाथ जोड़कर कहा कि वे अदालत का पूरा सम्मान करते हैं और नारेबाजी करने वालों ने अनजाने में उनकी मुश्किलें बढ़ाई हैं।
क्या है पूरा खेल किट घोटाला?
यह पूरा मामला वर्ष 2022-23 के दौरान बहरोड़ क्षेत्र में विधायक कोष (MLA Fund) से खेल सामग्री की खरीद में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोप है कि क्रिकेट और बैडमिंटन किट की खरीद वास्तविक कीमत से लगभग 2.50 गुना अधिक दरों पर की गई।
बैट की भारी कीमत: स्कूलों को सप्लाई किए गए एक बैट की कीमत ₹15,600 तक दिखाई गई, जो बाजार भाव से कहीं अधिक है।
सरकारी नुकसान: कुल 32 स्कूलों को करीब 9-9 लाख रुपये का सामान दिया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की शुरुआती जांच के बाद अब ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से इसकी जांच कर रही है।
प्रवर्तन निदेशालय अब 9 फरवरी को इस बात का जवाब पेश करेगा कि पूर्व विधायक की गिरफ्तारी किन ठोस सबूतों के आधार पर की गई है। फिलहाल, यादव को जेल में ही रात बितानी होगी।
