खेलते समय डिग्गी में गिरे मासूम को बचाने कूदी थी नानी; पैर फिसलने से दोनों पानी में डूबे, श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में पसरा मातम
खेलते समय डिग्गी में गिरे मासूम को बचाने कूदी थी नानी


पूगल (बीकानेर), 19 मई। बीकानेर जिले के पूगल थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। ग्राम भानीपुरा स्थित एक खेत की ढाणी में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से नानी और उनके ७ वर्षीय मासूम दोहिते की दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद पूरे ग्रामीण इलाके में गहरा शोक छा गया है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, भानीपुरा निवासी छैलूसिंह राजपूत के खेत में स्थित ढाणी में उनका 7 साल का दोहिता हरी सिंह खेल रहा था। खेलते-खेलते मासूम अचानक ढाणी के पास ही बनी पानी की डिग्गी में जा गिरा। बच्चे को पानी में गिरता देख पास ही काम कर रही उसकी नानी वसु कंवर (52 वर्ष, पत्नी छैलूसिंह) अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए दौड़ीं। परंतु, डिग्गी के किनारे पर अचानक पैर फिसल जाने के कारण वह भी गहरे पानी में जा गिरीं। डिग्गी में पानी अधिक होने के कारण दोनों नानी-दोहिता उसमें डूब गए, जिससे मौके पर ही दोनों की सांसें थम गईं।


यह दर्दनाक हादसा मंगलवार सुबह करीब 9 बजे का बताया जा रहा है, जब घर के मुखिया छैलूसिंह किसी काम से बाहर गए हुए थे। काफी देर तक जब मां को अपना बेटा और बुजुर्ग मां दिखाई नहीं दिए, तो उसने ढाणी और आसपास के खेतों में उनकी तलाश शुरू की। इसी खोजबीन के दौरान जब वह डिग्गी के पास पहुंची, तो पानी की सतह पर दोनों के शव तैरते देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। महिला के चीखने-चिल्लाने और शोर मचाने पर आसपास के खेतों से ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और पूगल थाना पुलिस को घटना की सूचना दी।
सूचना पाकर पूगल थाना पुलिस दल बल के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से दोनों शवों को पानी से बाहर निकलवाया। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए पूगल राजकीय अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवाया गया। परिजनों ने बताया कि मृतक बच्चा हरी सिंह अपनी मां के साथ गर्मियों की स्कूल की छुट्टियां बिताने अपने ननिहाल भानीपुरा आया हुआ था, लेकिन किसे पता था कि छुट्टियों की यह खुशी मातम में बदल जाएगी। पूगल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इसकी अग्रिम जांच एएसआई शंभू सिंह को सौंपी गई है।


