बीकानेर में दिल दहला देने वाला हादसा
बीकानेर में दिल दहला देने वाला हादसा


- डिग्गी में डूबने से तीन सगी बहनों की मौत, एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में गई जान
बीकानेर, 15 मई। बीकानेर के बज्जू थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। गुरुवार शाम करीब 7:00 बजे खेत में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से तीन सगी बहनों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब एक बहन को डूबता देख बाकी दो बहनें उसे बचाने के लिए पानी में कूद गईं, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण तीनों ही काल के गाल में समा गईं। करीब 3 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जेसीबी की मदद से डिग्गी को तोड़कर तीनों के शव बाहर निकाले जा सके।


खेत में काम करने और पशुओं को पानी पिलाने गई थीं बहनें
यह हृदयविदारक घटना बज्जू उपखंड मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत ग्रान्धी की रोही की है। मृतकों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है। धापू (23 वर्ष): पत्नी सुरजाराम (शादीशुदा), अन्नू (18 वर्ष): अविवाहित ,सुशीला (17 वर्ष): अविवाहित। ये तीनों बहनें किसान खेताराम मेघवाल की पुत्रियां थीं, जो नख्तबन्ना सब माइनर की टेल पर अपने परिवार के साथ रहती थीं। गुरुवार दोपहर को तीनों बहनें पड़ोसी पुनाराम मेघवाल की डिग्गी पर खेत का काम करने, कपड़े धोने और पशुओं को पानी पिलाने गई थीं।


लौटकर नहीं आईं, तो परिजनों को हुई चिंता
लड़कियों ने घर से निकलते समय परिजनों को कहा था कि वे काम खत्म करके पास ही स्थित एक रिश्तेदार की ढाणी भी जाएंगी। जब काफी देर तक तीनों घर नहीं लौटीं, तो पिता खेताराम को चिंता हुई। उन्होंने रिश्तेदारों के यहाँ पता किया, लेकिन वहाँ उनके न पहुँचने की जानकारी मिली। इसके बाद जब परिजन डिग्गी के पास पहुँचे, तो वहाँ लड़कियों के कपड़े और सामान देखकर अनहोनी की आशंका हुई और तुरंत ग्रामीणों को सूचित किया गया।
तैराकों और जेसीबी की मदद से निकाला शव
घटना की सूचना मिलते ही ग्रान्धी और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। स्थानीय तैराकों ने तुरंत डिग्गी में उतरकर तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद दो बहनों के शवों को बाहर निकाल लिया गया। तीसरी बहन का शव काफी देर तक नहीं मिलने पर प्रशासन ने जेसीबी मशीन बुलाई। जेसीबी से डिग्गी की दीवार को तुड़वाया गया, जिसके बाद पानी का बहाव कम होने पर तीसरी बहन का शव भी बरामद कर लिया गया।
अस्पताल में उमड़ी भीड़, पूरे इलाके में मातम
हादसे की सूचना मिलते ही कोलायत वृत्ताधिकारी (CO) संग्राम सिंह और बज्जू थानाधिकारी जगदीश कुमार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय सरपंच रामेश्वर सुथार और पंचायत समिति सदस्य रामकुमार गोदारा सहित कई जनप्रतिनिधि भी रात को ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे।
पुलिस ने कानूनी कार्रवाई पूरी कर तीनों शवों को बज्जू उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है। पीड़ित परिवार में कुल सात बहनें और एक भाई हैं। एक साथ तीन जवान बेटियों की अर्थी उठने की खबर से ग्रान्धी सहित पूरे बीकानेर संभाग में शोक की लहर है और पीड़ित परिवार पूरी तरह टूट चुका है।


