बीकानेर में देर रात आंधी के साथ झमाझम बारिश, कई जगह पेड़ और बिजली के पोल गिरे; आज दोपहर अरजनसर में भी बरसे बदरा
बीकानेर में देर रात आंधी के साथ झमाझम बारिश, कई जगह पेड़ और बिजली के पोल गिरे


- बुधवार को 43.6 डिग्री तापमान के साथ झुलसने के बाद रात 11 बजे अचानक बदला मौसम
- अंधड़ से ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे को नुकसान, मुस्तैद बिजली विभाग ने एक घंटे में बहाल की आपूर्ति
बीकानेर, 4 जून। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहे बीकानेर के निवासियों को प्रकृति ने बड़ी राहत दी है। बुधवार देर रात जिले के मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज अंधड़ के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। मौसम में आए इस आकस्मिक बदलाव से जहां तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं तेज हवाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ और बिजली के पोल गिरने से जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। राहत का यह सिलसिला आज भी जारी रहा और गुरुवार दोपहर को अरजनसर क्षेत्र में तेज बारिश से गलियां जलमग्न हो गईं।


रात 11 बजे अंधड़ के साथ शुरू हुई रिमझिम, आधे घंटे तक चला दौर
मौसम विभाग और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बुधवार दिनभर सूर्यदेव के तीखे तेवरों के बाद रात करीब 11 बजे अचानक आसमान में घने बादल छा गए। इसके तुरंत बाद धूलभरी तेज आंधी और तूफान के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जो करीब आधे घंटे तक लगातार जारी रही। अचानक आए इस चक्रवाती तूफान और बारिश के कारण एकबारगी राहगीरों और वाहन चालकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। इस बदरा मेहरबानी से पिछले कई दिनों से उमस से बेहाल लोगों को ठंडी हवाओं का अहसास हुआ और मौसम सुहावना हो गया।


बारिश से पहले 43.6 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा बीकानेर
इस मौसमी बदलाव से ठीक पहले बुधवार को बीकानेर संभाग भीषण लू की चपेट में था। मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को बीकानेर का अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक था। वहीं, बीती रात का न्यूनतम तापमान भी 30.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य मानकों से 1.7 डिग्री ज्यादा रहा। दिनभर की इस रिकॉर्ड तोड़ तपिश के बाद रात को आई आंधी-बारिश ने मरुधरा को बड़ी राहत पहुंचाई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में नुकसान, बिजली विभाग ने संभाला मोर्चा
देर रात आए तेज तूफान के कारण जिले के ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों से नुकसान की खबरें भी प्राप्त हुई हैं। तेज हवाओं के दबाव को न झेल पाने के कारण कई स्थानों पर प्राचीन पेड़ धराशायी हो गए, वहीं डिस्कॉम (बिजली विभाग) के दर्जनों पोल क्षतिग्रस्त होकर गिर गए। इसके चलते शहर के कई हिस्सों और ग्रामीण अंचलों में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई और बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
हालांकि, बिजली विभाग की सजग टीमों ने देर रात को ही प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर मरम्मत का कार्य शुरू किया। विभाग के त्वरित प्रबंधन के चलते करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद अधिकांश प्रभावित रिहाइशी इलाकों में बिजली आपूर्ति को सफलतापूर्वक बहाल कर दिया गया।
आज दोपहर अरजनसर-महाजन बेल्ट में भारी बारिश
मौसम का यह बदला हुआ मिजाज गुरुवार को भी बीकानेर के ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला। दोपहर करीब 2:00 बजे अरजनसर और महाजन कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में अचानक तेज दर्जे की बारिश शुरू हो गई। अरजनसर में हुई इस तेज बारिश के कारण कस्बे के निचले इलाकों और मुख्य गलियों में पानी एकत्र हो गया और सड़कें जलमग्न नजर आईं। दोपहर की इस बारिश ने समूचे क्षेत्र को पूरी तरह ठंडा कर दिया है।
आगामी दिनों में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर रहने की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी भारत में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में यह बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि इस मौसमी सिस्टम का असर अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बना रह सकता है। विभाग के अनुसार आज गुरुवार शाम तक बीकानेर शहर और आस-पास के क्षेत्रों में पुनः बादलों की आवाजाही के साथ रिमझिम या हल्की बौछारें गिरने की प्रबल उम्मीद है, जिससे आने वाले दो-तीन दिनों तक क्षेत्रवासियों को लू और झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलती रहेगी।


