प्रतिभाओं का सम्मान करना समाज का दायित्व है-कमल रंगा

प्रतिभाओं का सम्मान करना समाज का दायित्व है-कमल रंगा
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026
बीकानेर, 10 जनवरी। प्रज्ञालय संस्थान द्वारा राजस्थानी, हिन्दी एवं उर्दू के साहित्यकार कासिम बीकानेरी का उनके साहित्यिक एवं सृजनात्मक योगदान का मान करते हुए संस्थान द्वारा आज उनका सम्मान स्थानीय नत्थूसर गेट बाहर स्थित लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन सदन में राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार एवं राजस्थानी मान्यता आंदोलन के प्रवर्तक कमल रंगा की अध्यक्षता में हुआ। सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं राजस्थानी मान्यता आंदोलन के प्रवर्तक कमल रंगा ने कहा कि प्रतिभाआंे का सम्मान करना समाज का दायित्व है, प्रज्ञालय संस्थान को इसके लिए साधुवाद है। रंगा ने आगे कहा कि कासिम बीकानेरी बहु-प्रतिभावान रचनाकार है। आप साहित्य के साथ-साथ फिल्म जगत, समाज सेवा एवं साहित्यिक सांस्कृतिक आयोजनों से गहरा जुड़ाव रखते है।
सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ. अजय जोशी ने कहा कि कासिम बीकानेरी समर्पित रचनाकार के साथ-साथ कुशल आयोजक एवं नेक इंसान है। ऐसी प्रतिभा का सम्मान करने पर प्रज्ञालय संस्थान साधुवाद की पात्र है। प्रज्ञालय संस्थान के वरिष्ठ शिक्षाविद् राजेश रंगा ने बताया कि इस सम्मान समारोह में साहित्यकार कासिम बीकानेरी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपनी बात रखते हुए हास्य कवि बाबुलाल छंगाणी ने बताया कि कासिम बीकानेरी समानान्तर तीन भाषाओं में सृजनरत है, फिल्म अभिनेता एवं संवाद लेखक भी है। इस अवसर पर सम्मानित होने वाली प्रतिभा के मान में हिन्दी, उर्दू एवं राजस्थानी के विशेष आमंत्रित कवि-शायरों ने भी अपनी काव्य रचनाओं के माध्यम से सम्मान समारोह में एक अलग ही काव्यात्मक रंग भर दिया। सभी का सम्मान वरिष्ठ इतिहासविद् डॉ. फारूख चौहान ने करते हुए आयोजन की रूपरेखा बताई साथ ही कार्यक्रम का संयोजन करते हुए युवा कवि गिरिराज पारीक ने सम्मानित रचनाकार से जुड़े हुए कई प्रसंग साझा किए।
काव्य गोष्ठी में श्रीमती इन्द्रा व्यास, डॉ कृष्णा आचार्य, वली मोहम्मद गौरी, जुगल किशोर पुरोहित, कैलाश टाक, डॉ नृसिंह बिन्नाणी, विप्लव व्यास, इश्हाक गौरी ‘शफक’, गिरिराज पारीक, गंगाबिशन बिश्नोई, प्रमोद शर्मा, हरिकृष्ण व्यास, मोईनुद्दीन, यशस्वी हर्ष, अक्षिता जोशी ने अपनी सहभागिता निभाते हुए उर्दू की मिठास हिन्दी का सौन्दर्य एवं राजस्थानी की मठोठ से श्रोताओं  को आन्नदित कर दिया। अपने सम्मान के प्रति उत्तर में सम्मानित रचनाकार कासिम बीकानेरी ने कहा कि प्रज्ञालय संस्थान का मैं आभारी हूं। साथ ही इस सम्मान के माध्यम से मुझे साहित्य और सृजनात्मक कार्यो को और गंभीरता से करने के लिए बल मिलेगा यह मेरे लिए एक चुनौती है। सम्मान समारोह एवं काव्य गोष्ठी में हरिनारायण आचार्य, भवानी सिंह, पुनीत कुमार रंगा, अशोक मारू ‘पप्पूजी’, कार्तिक मोदी, नवनीत व्यास, घनश्याम ओझा, प्रेम नारायण व्यास, सुनील व्यास, अरूण जे व्यास, राहुल आचार्य, तोलाराम सारण, मोहम्मद अली मुग़ल, रफीक पेन्टर, सय्यद अख्तर अली, सय्यद अनवर अली, अब्दुल अज़ीज सहित अनेक गणमान्यों ने अपनी सहभागिता निभाई।
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