खेजड़ी बचाओ महापड़ाव- ‘ज़मीर का मरना ही असली मौत’, पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन के खिलाफ बुलंद की आवाज़

खेजड़ी बचाओ महापड़ाव
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025

बीकानेर, 6 फ़रवरी । राजस्थान के राजकीय वृक्ष खेजड़ी को बचाने के लिए चल रहा ‘खेजड़ी बचाओ महापड़ाव’ शुक्रवार को अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। बीकानेर जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष पर्यावरण संघर्ष समिति का धरना जहाँ 204वें दिन भी जारी रहा, वहीं नोखा दईया की खेजड़ला रोही में यह आंदोलन 569 दिनों का सफर तय कर चुका है। बिश्नोई धर्मशाला के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक खेजड़ी के संरक्षण के पुख्ता इंतजाम नहीं होते, वे पीछे नहीं हटेंगे।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

धरना संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए भावुक और ओजस्वी अपील की। उन्होंने कहा, “शरीर का मरना वास्तविक मृत्यु नहीं है, बल्कि ज़मीर का मरना ही असली मौत है। जिनका ज़मीर जिंदा है, वही इस आंदोलन को सफलता की दहलीज तक ले जाएंगे।” उन्होंने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि जीव रक्षकों और पर्यावरण प्रेमियों ने अपना पूरा जीवन इस धरोहर को बचाने के लिए झोंक दिया है और अब झुकने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।

pop ronak

प्रशासन की कार्रवाई पर आक्रोश: सड़क किनारे कटवाई हरी खेजड़ी
आंदोलन के बीच रानी बाजार स्थित गौड़ सभा भवन के पास प्रशासन द्वारा सड़क किनारे लगी हरी खेजड़ी को कटवाए जाने का मामला गरमा गया। ट्री-हग्गर विकास संस्थान के गोकुलराम बिश्नोई ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचकर विरोध दर्ज कराया और कार्य को रुकवाया। इस संबंध में वन विभाग को लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष पूनमचंद नैण ने भी संघर्ष समिति को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि खेजड़ी की रक्षा करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

आंदोलन को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन
धरना स्थल पर समाज के विभिन्न वर्गों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों की उपस्थिति ने आंदोलन को और मजबूती प्रदान की है। 200 से अधिक दिनों से चल रहे इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग बारी-बारी से सहभागिता कर रहे हैं।

प्रमुख उपस्थित जन: धरना स्थल पर शुक्रवार को शिवदान मेघवाल, गंगाबिशन सियाग, हरिराम खीचड़, शान्तिलाल सेठिया, रामरतन बिशनोई, विवेक मितल, मोखराम धायल, गोपीचन्द धायल, रामप्रताप वर्मा, आर.के. मेघवाल, सज्जन कुमार, शशिकला राठौड़, सिंवरी चौधरी, पाबूराम भादू, मोहनलाल कड़वासरा, हेमन्त किराड़ू, लाधुराम गोदारा, प्रेमरतन जोशी, हेतराम बिशनोई, मालचन्द कस्वां, रामदेव मेघवाल, महेन्द्र भादू, हनुमान काकड़, मूलचन्द खत्री, अरूण वैध, जयकिशन गहलोत, हीरु खाँ टावरी, सत्य नारायण कुलड़िया, गिरधारी कूकणा, जैसाराम मेघवाल, काशीराम मेघवाल, नरसिंह भाटी, सरजू गहलोत, पूनमचन्द गोयल, दूलाराम मेघवाल, राधाकिशन सुथार पूर्व सरपंच, मूलचन्द सांखला, रामेश्वर लाल गोदारा, टीकूराम चौधरी, मेघराज रेगर, हनुमान काकड़, मिलन गहलोत, एड. भागीरथ मान, मोहन राम सायच, श्रवण कासनिया, हंसराज पूनिया, भगवान दास स्वामी, बुलाकीदास देवड़ा, जयप्रकाश बागड़वा, रामचन्द्र माल, सतीश मेघवाल, रामचन्द्र भादू पूर्व सरपंच रोटू, रामस्वरूप पूनिया, चन्द्राराम आर्य व दयाराम सेवानिवृत न्यायाधीश आदि धरना स्थल पर मौजूद रहे।

Tags: #KhejriConservation #EnvironmentalProtest #BikanerNews #BishnoiCommunity #SaveTrees #NatureLovers #RajasthanNews #EcoWarriors

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *