कवि-कथाकार राजाराम स्वर्णकार की दो पुस्तकों ‘उडीक’ एवं ‘मुक्तक मंजरी’ का लोकार्पण
कवि-कथाकार राजाराम स्वर्णकार की दो पुस्तकों 'उडीक' एवं 'मुक्तक मंजरी' का लोकार्पण



- शब्दरंग साहित्य एवं कला संस्थान का भव्य आयोजन
बीकानेर ,17 सितम्बर। शब्दरंग साहित्य एवं कला संस्थान के तत्वाधान में कवि एवं कथाकार राजाराम स्वर्णकार के राजस्थानी कहानी संग्रह “उडीक” तथा हिंदी मुक्तक संग्रह “मुक्तक मंजरी” का भव्य लोकार्पण समारोह महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर की विभिन्न साहित्यिक व सामाजिक संस्थाओं द्वारा लेखक का नागरिक अभिनंदन किया गया।


साहित्यकारों ने सराहा रचनाकर्म: माटी की खुशबू और सकारात्मकता का संदेश
अध्यक्षीय उद्बोधन: समारोह के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार व रंगकर्मी मधु आचार्य ‘आशावादी’ ने कहा कि “उडीक” पुस्तक सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देती है, वहीं “मुक्तक मंजरी” की काव्य रचनाएं पाठक को गहराई से प्रभावित करती हैं।


मुख्य अतिथि का वक्तव्य: प्रो. डॉ. उमाकांत गुप्त ने कहा कि डिजिटल युग में भी स्वर्णकार की रचनाओं में माटी की सोंधी महक और हृदयस्पर्शी भाव मौजूद हैं।
विशिष्ट अतिथियों के विचार: कवि-कथाकार राजेंद्र जोशी ने रचनाओं में भाषा-बोली की शुद्धता और आत्मीय संवाद की सराहना की, जबकि डॉ. हरिदास हर्ष ने पुस्तकों को मातृभाषा के प्रति गहरे अनुराग का प्रतीक बताया।
कृतियों पर पत्रवाचन और रचना पाठ
समारोह के दौरान राजस्थानी कहानी संग्रह “उडीक” पर संजय आचार्य ‘वरुण’ ने तथा हिंदी मुक्तक संग्रह “मुक्तक मंजरी” पर जनसंपर्क उप निदेशक डॉ. हरिशंकर आचार्य ने समीक्षात्मक पत्रवाचन किया।
स्वयं रचनाकार राजाराम स्वर्णकार ने अपना साहित्यिक सफर साझा करते हुए अपनी चर्चित काव्य पंक्तियों का पाठ कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया:
“दीप बनकर कालिमा को खल रहा हूं / वेदना की धूप में मैं पल रहा हूं / तय करूंगा राह की दूरी क्षणों में / निर्बाध साहस से धरा पर चल रहा हूं।”
संस्थागत सम्मान एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
शब्दरंग के संयोजक अशफाक कादरी ने लेखक को बहुआयामी प्रतिभा का धनी बताया। व्यंग्यकार डॉ. अजय जोशी द्वारा लिखित स्वर्णकार के व्यक्तित्व व कृतित्व आलेख को डॉ. नासिर जैदी ने प्रस्तुत किया। युवा गायक गौरीशंकर सोनी ने सरस्वती वंदना की तथा चित्रकार योगेंद्र कुमार पुरोहित ने लेखक को उनका रेखाचित्र (स्कैच) भेंट किया।
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन ज्योतिप्रकाश रंगा ने किया, जबकि कवयित्री मीनाक्षी स्वर्णकार ने उपस्थित सभी साहित्यकारों, गणमान्य नागरिकों व मीडिया का आभार व्यक्त किया। आयोजन में शहर के दर्जनों मूर्धन्य साहित्यकार, रंगकर्मी और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
