पर्युषण महापर्व के प्रथम दिवस पर धर्माराधना से गूंजा महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल: दक्षिण मुंबई
पर्युषण महापर्व के प्रथम दिवस पर धर्माराधना से गूंजा महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल: दक्षिण मुंबई


मुंबई , 8 सितंबर । पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के प्रथम दिवस (खाद्य संयम दिवस) पर कालबादेवी स्थित महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल का प्रांगण श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति से भक्तिमय हो उठा। दक्षिण मुंबई की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा सामूहिक मंगलाचरण के साथ आठ दिवसीय आध्यात्मिक साधना का शुभारंभ हुआ।


साध्वीवृंद के प्रेरणादायी प्रवचन और उद्बोधन
शासन श्री साध्वी कंचनप्रभाजी ने कहा कि पर्युषण पर्व आते ही चारों ओर जिनशासन की प्रभावना के साथ मैत्री, करुणा और पवित्रता का वातावरण बनता है। यह पर्व जीवन के पुनर्मूल्यांकन और ज्ञान, दर्शन तथा चरित्र की साधना में लीन होने का सुअवसर है।


साध्वी उदितप्रभाजी ने प्रथम दिवस के मुख्य विषय ‘खाद्य संयम’ पर प्रकाश डालते हुए आहार विवेक की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही साध्वीवृंद ने सुमधुर गीत के माध्यम से पर्व के महत्व को समझाया।
शासन श्री साध्वी मंजूरेखाजी ने कर्मसूक्त के आधार पर भगवान पार्श्वनाथ के पूर्व भवों का वर्णन करते हुए बताया कि प्रभु पार्श्वनाथ ने भी क्षमा याचना के माध्यम से ही मोक्ष की मंजिल प्राप्त की।
अखंड जाप और रात्रिकालीन आध्यात्मिक कार्यक्रम
प्रातः 6 बजे से महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल परिसर में ‘अखंड जाप’ का शुभारंभ हुआ, जो पूरे पर्युषण पर्व के दौरान निरंतर जारी रहेगा। इसके अलावा संध्याकाल में प्रतिक्रमण के पश्चात प्रतिदिन रात्रिकालीन आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी रखा गया है।
यह आयोजन आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन, श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल एवं अणुव्रत समिति दक्षिण मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
