बीकानेर कोर्ट का बड़ा फैसला, पत्नी की लोहे के पाइप से पीट-पीटकर हत्या करने वाले शराबी पति को उम्रकैद, ₹50 हजार का जुर्माना
बीकानेर कोर्ट का बड़ा फैसला


बीकानेर, 18 मई। बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में साढ़े पांच साल पहले हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के आरोपी पति ओमप्रकाश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोषी पर ₹50,000 का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि अदा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में पेश किए गए मामले के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 31 दिसंबर 2020 की रात को श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के रोही कल्याणसर स्थित एक ढाणी में घटित हुई थी। आरोपी ओमप्रकाश शराब पीने का आदी था और आए दिन अपनी पत्नी विमला के साथ मारपीट करता था। वारदात की रात भी आरोपी ने शराब के नशे में धुत होकर अपनी पत्नी पर लोहे के भारी पाइप से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे विमला की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर जब मृतका के परिजन ढाणी पहुंचे, तो विमला का शव लहुलूहान हालत में मिला। घटनास्थल पर चारों तरफ खून बिखरा हुआ था, टूटी हुई चूड़ियां और संघर्ष के गहरे निशान साफ गवाही दे रहे थे कि मृतका ने खुद को बचाने का पुरजोर प्रयास किया था।


मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित तफ्तीश शुरू की थी और घटनास्थल से खून से सने कपड़े, बाल सहित कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए थे। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया खून से सना लोहे का पाइप भी बरामद कर लिया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की रिपोर्ट में भी पाइप व अन्य जब्त सामानों पर इंसानी खून होने की पुष्टि हुई थी। मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान अदालत ने चश्मदीदों व गवाहों के बयानों, एफएसएल रिपोर्ट और पुख्ता परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को अत्यंत महत्वपूर्ण माना। इन अकाट्य सबूतों के आधार पर अदालत ने ओमप्रकाश को अपनी पत्नी की हत्या का मुख्य दोषी मानते हुए उसे उम्रकैद की सजा से दंडित किया।


