बीकानेर से निर्यात में मारुति उद्योग को मिला पांचवां अंतरराष्ट्रीय सम्मान
बीकानेर से निर्यात में मारुति उद्योग को मिला पांचवां अंतरराष्ट्रीय सम्मान

- ग्राउंडनट के सर्वाधिक निर्यात पर बीकानेर की कंपनी का डंका, IGOC 2026 सम्मेलन में हुआ गौरवशाली अभिनंदन
बीकानेर,10 अक्टूबर । भारतीय कृषि निर्यात क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाली नोखा की प्रतिष्ठित कंपनी ‘मारुति उद्योग’ ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीकानेर और देश का नाम रोशन किया है। कंपनी को भारत से ग्राउंडनट इन-शेल (छिलके सहित मूंगफली) के सर्वाधिक निर्यात के लिए ‘इंडियन ऑयलसीड्स एंड प्रोड्यूस एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल’ (IOPEPC) द्वारा लगातार पांचवीं बार प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है।


यह सम्मान 9 से 11 अक्टूबर 2026 तक थाईलैंड के खाओ लाक स्थित मैरियट रिसॉर्ट में आयोजित ‘IGOC 2026’ के भव्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया। इस प्रतिष्ठित आयोजन में दुनिया भर के कृषि निर्यातक, कृषि व्यापार प्रतिनिधि और उद्योग विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।


बीकानेर जिला उद्योग संघ ने जताई खुशी
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया एवं सचिव वीरेंद्र किराडू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी सदस्य इकाई का यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान पूरे जिला उद्योग संघ और बीकानेर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
मारुति उद्योग के निदेशक एवं बीकानेर जिला उद्योग संघ के कार्यकारिणी सदस्य राजेश झंवर ने इस सफलता का श्रेय किसानों, कर्मचारियों, व्यावसायिक सहयोगियों और शुभचिंतकों के अथक प्रयासों को दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता हमेशा उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुँचाकर देश की साख को बढ़ाना रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित की विश्वसनीयता
मारुति उद्योग, ‘मोहनलाल सत्यनारायण झंवर (नोखा ग्रुप)’ से संबद्ध है। इस समूह की अन्य इकाइयाँ जैसे बालाजी उद्योग और मुरली फ्लोर मिल्स भी स्थानीय कृषि उत्पादों का निर्यात कर रही हैं। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, पारदर्शी व्यापार नीति और किसानों के साथ मजबूत आपसी संबंधों के दम पर आज यह समूह अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक अत्यंत विश्वसनीय नाम बन चुका है। लगातार पाँचवीं बार यह सम्मान मिलना कंपनी की निरंतर उत्कृष्टता का प्रमाण है।
