धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने के विरोध में 1 जुलाई को बीकानेर कलेक्ट्री पर विशाल महापड़ाव

धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने के विरोध में 1 जुलाई को बीकानेर कलेक्ट्री पर विशाल महापड़ाव
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026
  • पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल के निवास पर हुई रणनीति बैठक

बीकानेर, 28 जून । बीकानेर और उसके सीमावर्ती इलाकों में पिछले दिनों प्रशासन द्वारा की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई के खिलाफ एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा हो गया है। केंद्र और राज्य सरकार के कथित निर्देशों पर जिला प्रशासन द्वारा गत 20 जून 2026 को बिना किसी पूर्व सूचना या वैधानिक प्रक्रिया के धार्मिक स्थलों को ढाहे जाने के विरोध में आगामी 1 जुलाई 2026 (बुधवार) को प्रातः 11:00 बजे से जिला कलेक्ट्री परिसर स्थित कर्मचारी मैदान में एक विशाल एवं शांतिपूर्ण गांधीवादी महापड़ाव व धरने का ऐलान किया गया है। आंदोलनकारियों का दावा है कि इस महापड़ाव में बीकानेर जिले के ग्रामीण और शहरी अंचलों से हजारों की संख्या में ‘छत्तीस कौम’ (सभी समाजों) के लोग एकजुट होकर विरोध दर्ज कराएंगे।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

इस ऐतिहासिक महापड़ाव और धरने को धरातल पर सफल बनाने के लिए आज 28 जून को पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल के स्थानीय निवास स्थान पर बीकानेर संभाग के प्रमुख जनप्रतिनिधियों, सरपंचों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक अति महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में नाजू खां सरपंच, महमूद खां गंगाजली, लतीफ खां गंगाजली, शकील खान 7 पीएचएम, मुमताज कंकराला, खालक खां, सरपंच दंतौर कमल मेघवाल, कालू खां, जालवाली फारुक, जाफर खां बैरियावाली, युनुश खां लबाड़ा, युसुफ सियासर, मुकेश बजाज पूगल, मुनीर खां बल्लर, रजाक खां बरजू, रियाज सरपंच 2 पीबी, मुनीर खां 2 पीबी, रोशन दैया दन्तौर, राजेन्द्र सहारण, राजेन्द्र जांगू, सत्तार खां, मम्मी खां, गुलाम सदीक, लालाराम, असगर अली, श्यामू खां गंगाजली, मालाराम मुंड, कश्मीर खां, मुनीर खां सिंधी, धोधा लियाकत दहिया, हासम खां तथा आरिफ खां रिड़मलसर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण नेता मौजूद रहे।

pop ronak

मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा 6 सूत्रीय मांग पत्र
बैठक के तुरंत बाद जनप्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल बीकानेर कलेक्ट्री पहुंचा, जहां उन्होंने राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन बीकानेर के सिटी मजिस्ट्रेट (City Magistrate) को व्यक्तिगत रूप से सुपुर्द किया। इस ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन और सरकार के समक्ष छह प्रमुख मांगें पुरजोर तरीके से उठाई गईं:

धार्मिक स्थलों का ससम्मान पुनर्निर्माण: ग्राम बांडका की मस्जिद, पहलवान का बैरा की दरगाह और आडूरी की दरगाह को जिला प्रशासन शासकीय स्तर पर अपने खर्चे से पुनः ससम्मान निर्मित करवाए।

मनमानी कार्रवाई पर तुरंत रोक: भारत-पाक सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी अन्य धार्मिक या आस्था स्थल को तोड़ने की संभावित कार्रवाई पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए और बिना पूर्ण कानूनी प्रक्रिया अपनाए कोई कदम न उठाया जाए।

संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष ढांचे की रक्षा: बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के मूल विचारों की रक्षा की जाए। राजनीतिक व सामाजिक संगठनों द्वारा एक सोची-समझी रणनीति के तहत देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को कमजोर करने के जो प्रयास किए जा रहे हैं, उन्हें तुरंत रोका जाए।

वित्तीय अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच: देश के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में राशि की लूट व चोरी संबंधी शिकायतों की उच्च स्तरीय जांच हो। ज्ञापन में अयोध्या के श्रीराम मंदिर में हुई 200 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता की जांच सुप्रीम कोर्ट/हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली कमेटी या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है। इसी तर्ज पर काशी और मथुरा जैसे अन्य बड़े धार्मिक स्थलों के वित्तीय प्रबंधन की भी उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।

पट्टे जारी करने हेतु विशेष कैंप: बीकानेर जिले के जिन धार्मिक व सार्वजनिक स्थलों (मस्जिद, मंदिर, दरगाह, गुरुद्वारा, ईदगाह, मदरसा, श्मशान व कब्रिस्तान) के पट्टे स्वीकृत नहीं हैं, उनके लिए राज्य सरकार जिला प्रशासन को निर्देशित कर एक विशेष अभियान (कैंप) चलाए और त्वरित रूप से नियमानुसार पट्टे जारी करे।

रिहायशी क्षेत्रों को ‘आबादी भूमि’ घोषित करना: जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में वर्षों से पुराने आबादी विस्तार को कानूनी मान्यता न मिलने के कारण लोग पक्के मकानों में रहने के बावजूद मालिकाना हक और होम लोन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। प्रशासन तत्काल विशेष सर्वे व सीमांकन कर इन्हें आधिकारिक ‘आबादी क्षेत्र’ घोषित करे और काबिज परिवारों को पट्टे जारी करे ताकि उनके सिर से बेदखली का डर हमेशा के लिए समाप्त हो सके।

महापड़ाव कार्यक्रम कमेटी के आधिकारिक प्रवक्ता मुमताज अली कंकराला ने प्रेस को वक्तव्य जारी करते हुए स्पष्ट किया कि 1 जुलाई को होने वाला यह आंदोलन पूरी तरह से अहिंसक, शांतिपूर्ण और गांधीवादी तौर-तरीकों से संचालित होगा, जहां उपस्थित सभी नागरिक देश के संविधान को अक्षुण्ण रखने का सामूहिक संकल्प लेंगे। बैठक में उपस्थित सभी प्रबुद्ध जनप्रतिनिधियों ने बीकानेर संभाग की न्यायप्रिय जनता से इस महापड़ाव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की पुरजोर अपील की है।

 

sesumo school
sjps