पीबीएम और मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं पर चिकित्सा मंत्री खींवसर ने ली समीक्षा बैठक
पीबीएम और मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं पर चिकित्सा मंत्री खींवसर ने ली समीक्षा बैठक


- राजस्थान में स्वास्थ्य सुविधाओं का मॉडल पूरे देश में बन रहा उदाहरण : खींवसर
- बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास तथा पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी भी रहीं मौजूद
बीकानेर, 26 मई। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मंगलवार को सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के ई-लाइब्रेरी हॉल में पीबीएम अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक समीक्षा बैठक ली। बैठक में बीकानेर के स्थानीय विधायकों सहित चिकित्सा विभाग के उच्चाधिकारी और वरिष्ठ विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।


डबल इंजन सरकार में गांव-गांव पहुंचीं स्वास्थ्य सेवाएं
बैठक को संबोधित करते हुए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच और डबल इंजन सरकार के प्रयासों से राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज राजस्थान की स्वास्थ्य योजनाओं की चर्चा पूरे देश में हो रही है और अन्य राज्य भी हमारा मॉडल अपना रहे हैं। मंत्री ने बताया कि हाल ही में मेरिट के आधार पर लगभग 30 हजार स्वास्थ्यकर्मियों की पारदर्शी नियुक्तियां की गई हैं, जिससे सिस्टम को मजबूती मिली है।


सप्लाई व्यवस्था पर तत्काल एक्शन
समीक्षा के दौरान जब मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत कैन्युला, नीडल्स और कैथेटर जैसी आवश्यक वस्तुओं की कमी का मुद्दा उठा, तो चिकित्सा मंत्री ने तुरंत संजीदगी दिखाई। उन्होंने मौके पर ही राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL) के एमडी को फोन कर सप्लाई चेन की बाधाओं को तत्काल दूर करने के सख्त निर्देश दिए।
प्रमुख विभागों की मांगें और भविष्य की योजनाएं
बैठक में विभिन्न विभागाध्यक्षों ने अपने विभागों की प्रगति और आवश्यकताओं को प्रस्तुत किया:
कार्डियोलॉजी: डॉ. पिंटू नाहटा ने सीटीवीएस सर्जरी विस्तार के लिए अतिरिक्त स्टाफ की मांग रखी।
यूरोलॉजी: डॉ. मुकेश आर्य ने जर्जर भवन के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव दिया, ताकि बीकानेर में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधाएं शुरू की जा सकें।
मेडिसिन: डॉ. परमेंद्र सिरोही ने मेडिसिन विंग के लिए आधुनिक उपकरणों और मैनपावर की जरूरत बताई।
प्रशासनिक निर्देश: मंत्री ने प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार को निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज, पीबीएम और एसएसबी की एक संयुक्त टीम अगले सप्ताह जयपुर आकर विस्तृत प्रेजेंटेशन दे, ताकि बजट और संसाधनों का त्वरित निस्तारण किया जा सके।
विधायकों ने भी रखे सुझाव
बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने अस्पताल में भ्रष्टाचार मुक्त कार्यशैली और जिला अस्पताल को मजबूत कर पीबीएम का भार कम करने पर बल दिया। वहीं, बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी ने कहा कि पीबीएम पर जनता का अटूट विश्वास यहां के डॉक्टरों के समर्पण का परिणाम है।
पारिवारिक माहौल में उपचार का संकल्प
पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने आश्वस्त किया कि अस्पताल में मरीजों को ‘पारिवारिक माहौल’ में इलाज मुहैया कराया जा रहा है और जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाता है। प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बैठक को अत्यंत सार्थक बताते हुए कहा कि मंत्री महोदय का सकारात्मक रुख बीकानेर की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नए द्वार खोलेगा।


